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West Bengal News: बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस बीच पश्चिम बंगाल के बशीरहाट के एक स्थानीय व्यक्ति ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि एक बांग्लादेशी नागरिक ने उन्हें अपना पिता बताकर वोटर कार्ड बनवा लिया है. उन्होंने मांग की है कि उस बांग्लादेशी व्यक्ति को वापस बांग्लादेश भेजा जाए.
दरअसल, बशीरहाट के रहने वाले मकान मालिक जियाद अली दफादार ने बताया कि महाबुर दफादार नाम का एक बांग्लादेशी नागरिक ने उन्हें पिता बताकर वोटर कार्ड और अन्य भारतीय दस्तावेज बनवा लिया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि महाबुर दफादार उनका बेटा नहीं है. जियाद अली दफादार ने इस संबंध में भाजपा के स्थानीय नेताओं से मुलाकात की है और वह मांग कर रहे हैं कि बांग्लादेशी नागरिक महाबुर दफादार को वापिस उसके देश भेजा जाए.
बशीरहाट के रहने वाले जियाद अली दफादार ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक महाबुर दफादार उनकी पत्नी से मिला, जिसके बाद वह अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल करके मुझे गलत तरीके से अपना पिता दिखाया है और वोटर कार्ड बनवा लिया है. जियाद अली दफादार ने बताया कि इस मामले के संबंध में उन्होंने SIR प्रक्रिया पूरा होने से पहले फिर से प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया है.
जियाद अली दफादार के इस दावे के बाद भाजपा के स्थानीय नेताओं ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधा है. BJP नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ बशीरहाट जिले की समस्या नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के पूरे बॉर्डर इलाकों में यही स्थिति है.
वहीं, बशीरहाट जिले के भाजपा अध्यक्ष सुकल्याण वैद्य ने दावा किया कि TMC के स्थानीय नेताओं ने बांग्लादेशी नागरिक महाबुर दफादार की मदद की और भारतीय दस्तावेज बनवाए. इसी कारण उसका नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया. BJP नेता सुकल्याण वैद्य ने बताया कि जियाद अली दफादार ने उनसे मुलाकात की है और बांग्लादेशी नागरिक महाबुर दफादार के खिलाफ SDO को लिखित शिकायत दी है.
भाजपा नेता सुकल्याण ने कहा कि महाबुर दफादार जैसे बांग्लादेशी नागरिक पश्चिम बंगाल में आकर राज्य और केंद्र की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि महाबुर दफादार के खिलाफ 2022 और 2024 में ब्लॉक के अधिकारी के पास जियाद अली दफादार ने बार-बार शिकायत की और मतदाता सूची से नाम हटाने की मांग की.