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Gaza: मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के एलुमनाई में एक अभूतपूर्व पल तब आया जब भारतीय मूल की स्टूडेंट मेघा वेमुरी ने मंच से फिलिस्तीन के समर्थन में खुलकर स्पीच दी और इज़रायल पर गंभीर आरोप लगाए. वेमुरी ने कहा कि एमआईटी को इज़रायली संस्थानों, खासकर सेना से जुड़े रिसर्च सहयोग, तुरंत समाप्त कर देने चाहिए.
रेड एंड व्हाइट किफिया पहने मेघा वेमुरी ने मंच से कहा,"आप लोग दिखा दीजिए कि MIT आज़ाद फिलिस्तीन के साथ खड़ा है. इस दौरान समारोह में भारी तादाद में मौजूद छात्र, अभिभावक और फैकल्टी मेंबर्स ने उनकी बात सुनी. कई छात्रों नेफ्री फिलिस्तीन के नारे लगाए, जबकि कुछ चुपचाप बैठे रहे.
MIT graduate Megha Vemuri's viral speech in support of Palestine. pic.twitter.com/wFS49lobpl
— Sami Siddiqui (@siddiquisami23) May 30, 2025
मेघा वेमुरी ने अपने भाषण में कहा कि MIT के इज़रायली सेना के साथ रिसर्च लिंक मानवता के खिलाफ हैं. यह शर्म की बात है कि एक शिक्षा संस्थान डायरेक्ट या इंडायरेक्ट तरीके से युद्ध और नरसंहार से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि MIT की अंडरग्रैजुएट और ग्रैजुएट यूनियन ने इज़रायल के साथ सभी रिश्ते खत्म करने के पक्ष में मतदान किया है. लेकिन इसके बाद छात्रों को प्रशासन की ओर से धमकियां दी गईं.
अपने भावुक संबोधन में वेमुरी ने कहा कि हम यहां से पासआउट हो रहे हैं और आगे बढ़ेंगे. सोचकर देखिए कि गाजा में अब कोई यूनिवर्सिटी नहीं बची है. इज़रायल फिलिस्तीन को मिटा देना चाहता है, और शर्म की बात है कि MIT इस प्रोसेस का हिस्सा बना हुआ है.
अमेरिका के कई फेमस यूनिवर्सिटीज में गाज़ा में इज़रायली कार्रवाई को लेकर पहले से ही विरोध की लहर चल रही है. छात्रों पर कार्रवाई की घटनाएं भी सामने आई हैं. मेघा वेमुरी का भाषण इस विरोध को एक नया मंच देता दिखा.
मेघा वेमुरी MIT की 2025 बैच की क्लास प्रेसिडेंट हैं. उनका जन्म अल्फारेटा, जॉर्जिया में हुआ था और वे भारतीय मूल की हैं. हाल ही में उन्होंने कंप्यूटर साइंस, न्यूरोसाइंस और भाषा विज्ञान में अपनी डिग्री पूरी की है. वे मैकगवर्न इंस्टिट्यूट फॉर ब्रेन रिसर्च में भी काम कर चुकी हैं.
अब तक MIT की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. लेकिन वेमुरी का यह भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और बहस का विषय बन गया है.