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Biography of Prophet Muhammad (PBUH): पैगम्बर मोहम्मद (स.अ) पर जब पहली बार वही आई तो वह इतने घबरा गए कि वह पसीने में तर- बतर होकर घर पहुंचे और अपनी बीवी हजरत खदीजा से कहा कि मुझे कुछ ओढा दो. हालांकि, बाद में आपको खदीजा ने इतमेनान दिलाया और धीरे-धीरे आप सामान्य हुए. खदीजा ही वह इकलौती इंसान थी जिन्होंने आप पर यकीन किया और उन्हें दिलासा दिलाया कि आप जो कर रहे हैं करते रहिये, अल्लाह ने आपको उम्मत का नबी बनाया है. इसके साथ ही हजरत खदीजा ही वह पहली शख्स थीं, जिनके साथ मोहम्मद (स.अ) ने सबसे पहले नमाज पढ़ी थी.
एक वक्त आया जब आप पर वही आना बंद हो गई. इस्लाम को मक्का में फैलाने की कोशिशें की जा रही थीं और लोगों ने आप को परेशान करना शुरू कर दिया था. जब वही आना बंद हुई तो लोगों ने और ज्यादा परेशान करना शुरू कर दिया. लोगों ने कहना शुरू कर दिया, दो-चार दिन ऊपरी दुनिया से बातचीत रही, जिब्रील का आना जाना रहा और फिर वह गायब हो गए. लोगों ने कहा कि लगता है कि तुम्हारा रब तुम से रूठ गया है, इसीलिए उन्होंने तु्म्हें मुंह नहीं लगाया.
वही का रुक जाना तो आपके लिए गमगीन करने वाला था, अब ज़माने के तानों ने भी आप को बहुत दुखी किया. उनके कोमल स्वभाव पर ये ताने तीर का काम कर रहे थे. ज्यादा दिन नहीं बीते और फिर से हज़रत जिब्रील फिर से वही लेकर आ गए. एक कुरान की आयत नाजिल हुई और इसके बाद लगातार वही आने का सिलसिला जारी रहा.
जिब्रील (अलैहि) आते आपको आयते सुनाते और बताते कि क्या करना है. हज़रत जिबरील ने बताया कि कैसे वुज़ू करें और किस तरह नमाज अदा करें. एक दिन मोहम्मद (स.अ) मत्ता ते ऊपरी इलाके में थे और इस दौरान जिब्रील (अलैहि) आए और आपको वज़ू करते हुए दिखाया और बताया नमाज पढ़ने से पहले ऐसे पाक होने जरूरी है. इसके बाद जिब्रील खड़े हुए और आपको नमाज पढ़नी सिखाई. इसके बाद जिब्रील चले गए.
इसके बाद आप (स.अ) खदीजा के पास आए, उनके सामने वुज़ू किया और फिर कहा कि नमाज पढ़ने के लिए पाक साफ होने का यही सही तरीका है. बीबी खदीजा ने इसी तरह वुज़ू किया और फिर आप नमाज के लिए खड़े हो गए और आप भी उनके साथ खड़ी हो गईं और दोनों ने नमाज अदा की. दोनों को ऐसा करते हुए हज़रत अली ने देखा तो वह काफी मुतास्सिर हुए. इसके बाद वह भी ईमान ले आए और नमाज अदा करने लगे.
Note: वही का मतलब है जब फ़रिश्ते जिब्रील (अलैहि) अल्लाह का आदेश कुरआन की आयतों के रूप में पैगम्बर मोहम्मद (स.) के पास लेकर आते थे और उन्हें गाइड करते थे.