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Afghanistan: अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्ताकी गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचे. अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है जब काबुल की किसी मंत्री-स्तरीय प्रतिनिधि ने भारत का दौरा किया है. हालांकि, इस यात्रा के लिए मुत्ताकी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से विशेष अनुमति लेनी पड़ी.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मुत्ताकी को 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक नई दिल्ली की यात्रा की अनुमति दी है. दरअसल, मुत्ताकी का नाम UNSC प्रस्ताव 1988 (2011) के तहत प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची में शामिल है, जो तालिबान नेताओं पर लागू होती है. इसी वजह से उन्हें इस यात्रा के लिए खास इजाजत की जरूरत पड़ी थी.
यह यात्रा पहले सितंबर में तय की गई थी, लेकिन उस समय संयुक्त राष्ट्र की समिति ने अनुमति नहीं दी थी. बाद में 30 सितंबर को UNSC की समिति ने उन्हें अस्थायी छूट दी, जिससे वह 9 से 16 अक्टूबर के बीच भारत आ सके.
मुत्ताकी की यह यात्रा कई मायनों में अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह अफगानिस्तान की नई तालिबान सरकार और भारत के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के शुरुआती कोशिशों में से एक है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत, पाकिस्तान, चीन और रूस के बीच अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर मतभेद हैं.
मुत्ताकी की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार की संभावना बढ़ाने वाली एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. बता दें, भारत के अफगानिस्तान में कई इनवेस्टमेंट भी हैं.