Babri Masjid Demolition: 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि विवाद को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. लेकिन बाबरी मस्जिद से जुड़ा विवाद अभी भी जारी है। इस बीच, हम आपको बाबर नाम का मतलब और मुसलमान 6 दिसंबर को ब्लैक डे के रूप में क्यों मनाते हैं, यह बताने जा रहे हैं.
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Why Muslims observe Black Day on 6 December: बाबरी मस्जिद को लेकर विवाद 1853 से चल रहा था. लेकिन 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि विवाद को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. इस कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर बन गया है, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. मुस्लिम संगठन कहते हैं कि बाबरी मस्जिद को मुसलमानों से राजनीतिक तौर पर छीन लिया गया था. दूसरी तरफ हिंदू संगठनों का दावा है कि मुगल बादशाह बाबर ने उस जगह पर एक राम मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनवाई थी.
इसी बीच, पश्चिम बंगाल के TMC विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में एक बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा की. इस ऐलान से पूरे देश में हिंदू संगठनों और बीजेपी में गुस्सा फैल गया. बीजेपी और हिंदू संगठनों ने ऐलान किया है कि वे देश में कहीं भी बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि बाबरी मस्जिद किसने बनवाई थी और मुसलमान 6 दिसंबर को ब्लैक डे के रूप में क्यों मनाते हैं. हम आपको यह भी बताएंगे कि बाबर नाम का क्या मतलब है. आइए जानते हैं.
कहां से आया था बाबर
दरअसल, मुगल बादशाह बाबर का पूरा नाम ज़हीरुद्दीन मुहम्मद बाबर था. बाबर भारत में मुगल साम्राज्य का संस्थापक था. उसका जन्म 1483 में आज के उज़्बेकिस्तान के फरगाना इलाके में हुआ था. वह चंगेज़ खान और तैमूर दोनों का वंशज था और इसलिए उसे मध्य एशिया के दो महान राजवंशों का प्रभाव विरासत में मिला था. बाबर को सेंट्रल एशिया में सत्ता के लिए संघर्ष करना पड़ा, जिसके बाद उसने भारत की ओर ध्यान दिया. 1526 में उसने पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराया, दिल्ली पर कब्ज़ा किया और मुगल साम्राज्य की नींव रखी.
बाबर का शासनकाल
भारत आने से पहले बाबर पहले ही काबुल का शासक बन चुका था. काबुल और फरगाना पर उसका मजबूत कब्ज़ा था और वहीं से उसने भारत में अपनी ताकत बढ़ाने का प्लान बनाया. हालांकि बाबर का शासन छोटा था (1526-1530), लेकिन उसने एडमिनिस्ट्रेशन, मिलिट्री स्ट्रेटेजी और कल्चर के फील्ड में ऐसी नींव रखी, जिससे बाद में उसका साम्राज्य भारत के सबसे शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक बन सका.
बाबरी मस्जिद किसने बनवाई थी
सोशल मीडिया पर दावा किया जाता है कि बाबर ने राम जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद बनवाई थी, लेकिन बाबर ने खुद मस्जिद नहीं बनवाई थी. बाबरी मस्जिद उसके गवर्नर मीर बाकी ने बाबर के कहने पर बनवाई थी. माना जाता है कि यह मस्जिद सन 1528 में अयोध्या में बनाई गई थी. उस समय बाबर भारत में मुगल शासन स्थापित कर रहा था और उसकी सेना और प्रशासनिक अधिकारी पूरे उत्तर भारत में इमारतें बनवा रहे थे. ऐतिहासिक दस्तावेज़ों और रिकॉर्ड के मुताबिक, मस्जिद मीर बाकी ने बनवाई थी, जबकि इसे "बाबरी मस्जिद" इसलिए कहा जाने लगा क्योंकि यह बाबर के शासनकाल में बनी थी.
6 दिसंबर 1992 को क्या हुआ था?
6 दिसंबर 1992 को हिंदू एक्टिविस्ट्स की एक बड़ी भीड़ ने अयोध्या में 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद को गिरा दिया. इस घटना ने लंबे समय से चले आ रहे राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को और हवा दे दी. मस्जिद गिराए जाने के फौरन बाद पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव तेज़ी से बढ़ गया. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और कई दूसरे राज्यों में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी. दंगों में हज़ारों लोगों की जान चली गई और लाखों लोग प्रभावित हुए. इस वजह से मुस्लिम समाज के लोग काला दिवस के रूम में मनाते थे.
बाबर का क्या होता है अर्थ
"बाबर" नाम फ़ारसी भाषा से आया है और इसका मतलब "शेर," "बहादुर," या "हिम्मती इंसान" होता है. कुछ जगहों पर इसे "शेर जैसा योद्धा" भी ट्रांसलेट किया जाता है. सेंट्रल एशिया में इस नाम को बहादुरी और लीडरशिप का प्रतीक माना जाता था.