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Dehradun Bangladeshi Women: देहरादून पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को फर्जी दस्तावेज़ों और हिंदू नाम का इस्तेमाल कर भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन कालनेमी के तहत फर्जी पहचान के साथ रहने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इसी दौरान 28 साल की बबली बेगम को पटेल नगर इलाके में भूमि शर्मा के नाम से रह रहे पाया गया.
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में बबली बेगम ने बताया कि वह COVID-19 महामारी के दौरान बांग्लादेश के गैबंदा जिले से अवैध रूप से भारत आई थी. भारत में कई जगह रहने के बाद वह 2021 में देहरादून पहुंची. उसने बताया कि 2022 में उसने देहरादून के एक व्यक्ति से शादी की और भूमि शर्मा नाम से फर्जी भारतीय दस्तावेज़ बनवाए.
पुलिस ने उसके कब्जे से भूमि शर्मा नाम के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी सहित कई फर्जी भारतीय दस्तावेज़ बरामद किए हैं. साथ ही बबली बेगम नाम का एक बांग्लादेशी पहचान पत्र भी मिला है.
महिला के खिलाफ फर्जी दस्तावेज़ बनवाकर भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि जो लोग इन दस्तावेज़ों को बनवाने में उसकी मदद कर रहे थे, उनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
पुलिस ने पटेल नगर के कलिंदा विहार फेज-2 से एक और संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को पकड़ा है। उसने अपना नाम बॉबी खातून (41) बताया है और कहा है कि वह बांग्लादेश के बोगुरा जिले की रहने वाली है. पूछताछ में उसने बताया कि वह 2023 में चुपके से भारत आई थी और देहरादून में मजदूरी करके अपना गुज़ारा कर रही थी.
पुलिस ने उसके पास से उसके बांग्लादेशी पासपोर्ट की फोटोकॉपी बरामद की है. पुलिस ने बताया कि महिला को हिरासत में रखा गया है और नियमों के अनुसार उसे बांग्लादेश वापस भेजा जा रहा है. पिछले हफ्ते भी पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक मामुन हासन को गिरफ्तार किया था, जो देहरादून में सचिन चौहान के नाम से रह रहा था.
ऑपरेशन कालनेमी के तहत अब तक देहरादून जिले में अवैध रूप से रहने वाले 17 बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई की जा चुकी है. इनमें से 8 को फर्जी दस्तावेज़ों के साथ अवैध रूप से रहने के आरोप में जेल भेजा गया, जबकि 9 को बांग्लादेश वापस भेज दिया गया है.