Delhi blast News: दिल्ली में हुई कार ब्लास्ट के बाद कट्टरपंथी धर्मगुरु यति नरसिंहानंद ने एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने मांग की है कि जामिया, AMU, अल-फलाह यूनिवर्सिटी और दारुल-उलूम देवबंद जैसे सभी मुस्लिम पहचान वाले संस्थानों को ध्वस्त किया जाए. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Delhi blast News: दिल्ली में मौजूद ऐतिहासिक धरोहर लाल किले के नजदीक हुई कार ब्लास्ट का मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी का संबंध फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से था. हालांकि यूनिवर्सिटी ने बयान जारी करके साफ किया कि आरोपी डॉक्टर का यूनिवर्सिटी से व्यवसायिक संबंध था, इसके अलावा कोई संबंध नहीं था. इस घटना के बाद एक बार फिर मुस्लिम समुदाय और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है.
इसी कड़ी में कट्टरपंथी धर्मगुरु दासना मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद ने एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने दिल्ली में हुए इस ब्लास्ट की घटना के बाद एक वीडियो जारी किया और सरकार से मांग की है कि जामिया मिलिया इस्लामिया (यूनिवर्सिटी), अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और दारुल-उलूम देवबंद जैसे तमाम मुस्लिम पहचान वाले शिक्षण संस्थानों को टैंक से उड़ा दिए जाए.
कट्टरपंथी धर्मगुरु यति नरसिंहानंद ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली कार धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर जो कि उसी धमाके में मारा गया, उसका संबंध फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से है. यतिनरसिंहानंद ने यह दावा किया कि डॉ. उमर की मौत पर अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शोक मनाई गई है. हालांकि यूनिवर्सिटी ने साफ तौर पर यह कहा है कि डॉ. उमर से उनका कोई संबंध नहीं था, सिर्फ उनसे व्यवसायिक संबंध थे.
यति नरसिंहानंद ने दिल्ली ब्लास्ट के बहाने हिंदू समाज को भड़काते हुए कहा कि मुस्लिम समाज के लोग आतंकवादियों का भी शोक मनाते हैं, लेकिन हिंदू समाज ने उन्हें सिर्फ इस वजह से अकेला छोड़ दिया कि वह कथित जिहादियों की सच्चाई बताते हैं. उन्होंने एक साथ कई मु्स्लिम पहचान वाले अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के नाम लिए और उन्हें आतंकवादियों का अड्डा करार दिया.
यति नरसिंहानंद ने हिंदू समाज को उकसाते हुए कहा कि अगर आप चाहते हो कि अपके बच्चे जिंदा रहे तो, जामिया, AMU, अल-फलाह और दारुल-उलूम देवबंद जैसे सभी संस्थानों पर अर्मी भेजकर टैंक चलवाने के लिए अपने नेताओं पर दबाव बनाओ.