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Yemen: यमन के अदन (Aden) तट के पास कैमरून के झंडे वाले एलपीजी टैंकर एमवी फाल्कन में विस्फोट के बाद आग लग गई. इस हादसे में मौजूद 23 भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.
यह घटना शनिवार, 18 अक्टूबर को सुबह 7 बजे हुई, जब जहाज अदन से करीब 113 नौटिकल मील दक्षिण-पूर्व दिशा में था और ओमान के सोहर पोर्ट से जिबूती जा रहा था. हादसे के बाद जहाज समुद्र में बहने लगा और करीब 15 प्रतिशत हिस्सा आग की चपेट में आ गया. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, विस्फोट संभवतः आकस्मिक था, लेकिन सही कारणों की जांच अभी जारी है.
कई लोगों का कहना है कि ये भी हो सकता है कि ये हमला हूती ग्रुप के जरिए किया गया हो. हालांकि अभी कुछ साफ नहीं हो पाया है. क्योंकि हूती इससे पहले कई जहाजों को निशाना बना चुके हैं.
ब्रिटिश सुरक्षा फर्म ऐम्ब्रे के मुताबिक, विस्फोट के बाद जहाज के क्रू ने रेडियो संदेशों के जरिए मदद की अपील की, जिसके बाद यूरोपीय संघ की नौसैनिक बल 'ऑपरेशन एस्पिडीज़ (Aspides)' ने तत्काल सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.
शुरुआत में जहाज के 24 सदस्य जहाज से बाहर निकले, जिनमें से 23 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया. एक व्यक्ति अब भी जहाज पर मौजूद था, जबकि दो की तलाश जारी है. ऑपरेशन एस्पिडीज़ ने बयान में बताया कि टैंकर में एलपीजी भरा होने के कारण विस्फोट का खतरा अभी भी बना हुआ है. इस वजह से आसपास के सभी जहाजों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है.
एस्पिडीज़ ने कहा, "जहाज में लगी आग बढ़ रही है. एमवी फाल्कन फिलहाल समुद्री मार्ग में खतरा पैदा कर रहा है. सभी जहाजों को सतर्क रहना चाहिए." वहीं, एक निजी कंपनी को अब क्षतिग्रस्त टैंकर को बचाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है.
यह घटना उस समय हुई है जब यमन के हूती विद्रोही लगातार रेड सी कॉरिडोर से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं. विद्रोहियों का कहना है कि वे ऐसा गाजा में जारी युद्ध के बीच फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में कर रहे हैं.