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Zohran Mamdani Become Mayor: न्यूयॉर्क सिटी की गलियों से लेकर अमेरिका के उपनगरों तक, मुसलमानों में खुशी की लहर दौड़ गई जब जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की. यह जीत केवल एक चुनावी नतीजा नहीं थी, बल्कि अमेरिका के सबसे बड़े शहर में मुस्लिम समुदाय की पहचान, स्वीकृति और राजनीतिक ताकत का प्रतीक बन गई.
अस्थोरिया की स्टीनवे स्ट्रीट, जो मध्य-पूर्वी बाजारों और रेस्टोरेंट्स के लिए मशहूर है, वहां जोहरान के समर्थक लोगों के घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे. लोग जब उनके बैज या पिन देखते तो खुशी से आवाज लगाते, 'गो जोहरान!'. स्थानीय विधानसभा मेंबर और अब मेयर बने ममदानी की जीत पर इलाके में जश्न का माहौल है.
जोहरान ममदानी, जो मुस्लिम प्रवासी और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट हैं, उन्होंने पहले जून में डेमोक्रेटिक प्राइमरी में एंड्रयू कुओमो को हराया था और फिर मेयर के चुनाव में भी जीत दर्ज की थी.
युगांडा में जन्मे और भारतीय मूल के ममदानी बचपन में ही अमेरिका आ गए थे. उन्होंने अपनी जीत के बाद कहा कि वह हर न्यूयॉर्कर के लिए मेयर हैं. उनकी युवाओं से जुड़ने वाली अपील, मुस्कुराता चेहरा और सादगी भरी जिंदगी पर फोकस कैंपेने ने आम न्यूयॉर्कवासियों को अपनी ओर खींचने का काम किया. उनका पूरा अभियान वॉलंटियर्स की टीम और सोशल मीडिया की मदद से चलाया गया था.
ममदानी मुस्लिम समुदाय के लिए एक उम्मीद की किरण भी हैं. एक मुस्लिम शख्स कहता है कि पुराने नेता सिर्फ कॉरपोरेशन और स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप्स के लिए काम कर रहे हैं, जनता के लिए नहीं. कनेक्टिकट के स्टैमफोर्ड से आए मुश्तर मोइन ने कहा, "मैंने 9/11 के बाद का दौर देखा है. यह बदलाव वाकई अद्भुत है. वह भले मुस्लिम हों, लेकिन वह सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं."
मुस्लिम समुदाय के लिए यह जीत 9/11 के हमलों के दो दशक बाद एक ऐतिहासिक रही है, उन हमलों के बाद मुसलमानों को नफरत, भेदभाव और सरकारी निगरानी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था. बर्गन काउंटी के निवासी समीर हाशमी ने कहा, "ममदानी का अभियान यह दिखाता है कि मुसलमानों को पब्लिक लाइफ से डरने या अपने यकीन छिपाने की ज़रूरत नहीं है. यह हमें याद दिलाता है कि हमें समाज की सेवा में आगे आना चाहिए. मुसलमान इस देश के ताने-बाने का हिस्सा हैं और अब कोई इसे नकार नहीं सकता."
ममदानी की जीत उस वक्त आई जब चुनाव के आखिरी दिनों में उन्हें मुस्लिम विरोधी हमलों का सामना करना पड़ा. उन्हें आतंकवादी और चरमपंथी जैसे पुराने आरोपों से निशाना बनाया गया. साथ ही, इस्राइल सरकार की आलोचना करने पर उन्हें यहूदी-विरोधी करार देने की कोशिश भी हुई. इसके बावजूद उन्होंने यह साफ किया कि वह न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करेंगे. ममदानी उन मुस्लिम नेताओं की नई पीढ़ी से हैं जो 9/11 के बाद इस्लामोफोबिया और अलगाव का सामना करते हुए राजनीति में सक्रिय हुए हैं.