Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2937595
Zee SalaamIndian Muslimमरकर भी सभी को एक धागे में पिरो गए Zubeen Garg, आखिरी रस्मों में गीता के साथ कुरान का पाठ

मरकर भी सभी को एक धागे में पिरो गए Zubeen Garg, आखिरी रस्मों में गीता के साथ कुरान का पाठ

Zubeen Garg Funeral: लोगों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ने वाले सिंगर जुबीन गर्ग के अंतिम संस्कार में हिंदू-मुस्लिम समेत सभी धर्मों के लोग शामिल हुए. गीता पाठ के साथ कुरान की तिलावत भी की गई. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

मरकर भी सभी को एक धागे में पिरो गए Zubeen Garg, आखिरी रस्मों में गीता के साथ कुरान का पाठ

Zubeen Garg: लाखों लोगों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ने वाले सिंगर जुबीन गर्ग 19 सितंबर को दुनिया को अलविदा कह गए. उन्होंने 52 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करते समय उन्हें स्ट्रोक आया था और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जैसे ही यह खबर भारत पहुंची, पूरा देश शोक में डूब गया और असम में मानो सन्नाटा छा गया. 

जुबिन न सिर्फ अपनी गायकी के लिए, बल्कि अपनी बेबाकी के लिए भी जाने जाते थे. देश के हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाने जाते थे. यही वजह है कि वे सभी जातियों और समुदायों में बेहद लोकप्रिय थे. जब ज़ुबिन की मौत की खबर भारत पहुंची, तो असम के सभी धर्मों के लोगों ने अपनी-अपनी धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, उनकी मगफिरत के लिए दुआएं मांगीं. मुस्लिम समुदाय के लोग ज़ुबिन की तस्वीर के पास बैठकर शोक मना रहे थे और कुरान की तिलावत कर रहे थे. 

मुसलमानों ने जुबिन के लिए मगफिरत के लिए दुआ
जुबिन के अंतिम संस्कार के बाद अलग-अलग धर्मों के लोग उनकी आखिरी रस्मों में शामिल हुए. मुस्लिम समुदाय के लोग जुबिन के घर पहुंचे और उनकी मगफिरत के लिए कुरान शरीफ की तिलावत कर दुआ की. इस मौके पर मरहूम सिंगर जुबिन की बीवी भी मौजूद थीं.  इससे पता चलता है कि जुबिन हर धर्म का सम्मान करते थे और सबके दिलों में जगह बनाई थी.

Add Zee News as a Preferred Source

सब के चहेते थे जुबिन
जुबिन सिर्फ एक गायक नहीं थे, बल्कि अपनी ईमानदारी और साफ-साफ बोलने के लिए भी जाने जाते थे. वे ऐसे आसान शब्दों का इस्तेमाल करते थे जिससे लोग खुद को जोड़ पाते. उन्होंने पाखंड को चुनौती दी, गरीबों की मदद की, समाज के मुद्दों पर आवाज़ उठाई और प्रकृति व जानवरों से गहरा प्यार किया. इन खूबियों ने उन्हें असम और बाहर भी आदर्श बना दिया.

About the Author
author img
Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

TAGS

Trending news