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Pakistan News: पाकिस्तान में इस साल भी मानसूनी बारिश ने तबाही मचाई है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, 26 जून से जारी मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण अब तक कम से कम 98 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 185 लोग घायल हुए हैं. ज़्यादातर मौतें पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में हुई हैं. कई शहरों में जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं. वहीं, एनडीएमए और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं.
एनडीएमए की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हो गई है और 27 घायल हुए हैं। पंजाब प्रांत में सबसे ज़्यादा 37 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 20 मासूम बच्चे शामिल हैं. खैबर पख्तूनख्वा में 30 मौतों की पुष्टि हो चुकी है. बारिश और बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान ज़ोरों पर जारी है, जबकि निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
लाहौर, फैसलाबाद और गुजरांवाला जैसे शहर शहरी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. लाहौर में, जेल रोड, कुर्तबा चौक और गुलबर्ग जैसे इलाकों में जलभराव के कारण यातायात बाधित हुआ है. वासा के मुताबिक, लाहौर में औसतन 58.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि निश्तार टाउन में सबसे ज़्यादा 84 मिमी बारिश हुई.
इस राज्य में है सबसे खराब हालात
साथ ही, सीवेज ओवरफ्लो और कचरा सफाई में लापरवाही के कारण जन स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ भी बढ़ गई हैं. लोगों ने लाहौर अपशिष्ट प्रबंधन कंपनी (LWMC) के सफाई संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए हैं. खैबर पख्तूनख्वा और मुर्री में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि बलूचिस्तान के झोब और सिबी जिलों में स्थिति और भी गंभीर है. इस समय, पाकिस्तान के कई हिस्से हाई अलर्ट पर हैं और प्रशासन ने आने वाले दिनों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है.