)
Afghanistan Taliban News: अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में तालिबान की स्वघोषित सरकार है. तालिबान सरकार ने महिलाओं पर शिक्षा और कला क्षेत्र में कई प्रतिबंध लाए हैं. इसी कड़ी में तालिबान सरकार ने महिलाओं को लेकर नई प्रतिबंध लगाई है. इस प्रतिबंध के मुताबिक अफगानिस्तान के विश्वविद्यालयों से महिलाओं द्वारा लिखी गई पुस्तकों को पढ़ाया नहीं जाएगा.
तालिबान सरकार के इस कार्रवाई की आलोचना दुनिया भर में हो रही है. तालिबान सरकार के अधिकारियों ने इस प्रतिबंध पर शरिया कानून (इस्लामिक कानून) का हवाला दिया. तालिबान सरकार के अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के किताबों पर शरिया सिद्धांतों के अनुरूप प्रतिबंध लगाए गए हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान ने 680 पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाया है, जिनमें महिलाओं द्वारा लिखी गई लगभग 140 पुस्तकें शामिल हैं. इन पुस्तकों में 'सेफ्टी इन द केमिकल लैबोरेटरी' जैसी पुस्तकें शामिल हैं. इसके साथ ही तालिबान सरकार ने विश्वविद्यालयों को 18 और विषयों को न पढ़ाने का भी आदेश दिया है.
इससे पहले तालिबान सरकार महिलाओं के रेडियो स्टेशन चलाने पर भी कार्रवाई कर चुकी है. इन रेडियो चैनलों या स्टेशनों पर तालिबान सरकार का इल्जाम था कि यहां से रमजान के पवित्र महीने में संगीतों का प्रसारण किया जा रहा, जो शरिया कानून के खिलाफ. इसी इल्जाम के सहारे तालिबान सरकार ने महिलाओं द्वारा संचालित रेडियो स्टेशन को बंद कर दिया.
गौरतलब है कि UN ने कई बार तालिबान सरकार द्वारा महिला विरोधी नीति बनाने को लेकर रिपोर्ट जारी किया है. इसके बावजूद तालिबान सरकार महिलाओं के खिलाफ नीतियां बना रही हैं. साल 2021 में जब अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हुआ, उसके बाद कई जानकारों का कहना था कि यह नया तालिबान है, जो महिलाओं की अधिकारों की बात करता है. लेकिन नया तालिबान भी पुराने तालिबान की तरह महिलाओं के खिलाफ फैसले ले रहा है.