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Afghanistan Rejects Pakistan Claims: अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब ने काबुल और इस्लामाबाद के बीच हालिया झड़पों के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराने के पाकिस्तान के आरोपों को निराधार, अतार्किक और अस्वीकार्य करार दिया है. साथ ही, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि तालिबान शासन राष्ट्रीय हितों के दायरे में भारत के साथ संबंधों को मज़बूत करने के लिए तत्पर है.
तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे याकूब के हवाले से कहा गया, "ये आरोप निराधार हैं. हमारी नीति कभी भी अपने क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों के ख़िलाफ़ करने की नहीं होगी. हम एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत के साथ संबंध बनाए रखते हैं और अपने राष्ट्रीय हितों के दायरे में इन संबंधों को मज़बूत करेंगे."
इस्लामाबाद के क़रीबी माने जाने वाले याकूब ने ज़ोर देकर कहा कि पाकिस्तान के आरोप निराधार, अतार्किक और अस्वीकार्य हैं. उन्होंने पाकिस्तान के साथ शांति समझौते को जारी रखने के लिए आपसी सम्मान और प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताया. थाईलैंड के पेज 3 न्यूज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अल जज़ीरा ने याकूब के हवाले से कहा, "कतर और तुर्की को इसके कार्यान्वयन में सहायता और निगरानी करनी चाहिए. यह समझौता तभी लागू होगा जब कोई भी देश किसी दूसरे देश के क्षेत्र का उल्लंघन नहीं करेगा."
यह बयान पाकिस्तान द्वारा भारत पर काबुल के इस्लामाबाद के साथ बिगड़ते संबंधों के लिए ज़िम्मेदार ठहराए जाने के बाद आया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि तालिबान सरकार भारत की गोद में बैठी है और भारत का छद्म युद्ध लड़ रही है. 16 अक्टूबर को अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष के बारे में पूछे जाने पर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, "तीन बातें स्पष्ट हैं. पहली, पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और आतंकवादी गतिविधियों को प्रायोजित करता है. दूसरी, अपनी आंतरिक विफलताओं के लिए अपने पड़ोसियों को दोष देना पाकिस्तान की पुरानी आदत है. तीसरी, पाकिस्तान इस बात से नाराज़ है कि अफ़ग़ानिस्तान अपने क्षेत्रों पर संप्रभुता का प्रयोग कर रहा है. भारत अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है."
इनपुट-आईएएनएस