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Afghanistan India Trade Relations: अफगानिस्तान के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अज़ीजी आज एक हाई लेवल डेलिगेशन के साथ इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2025 पहुंचे. इस दौरे का मकसद भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना है. अजीजी का यह भारत दौरा पांच दिनों का है. यह ऐसे समय में हो रहा है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण हैं और सीमा बंद होने से अफगान निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. इसी वजह से अफगानिस्तान अब भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है.
मेले में अजीजी ने ITPO के प्रबंध निदेशक नीरज खरवाल से मुलाकात की और भविष्य में अफगानिस्तान की अधिक भागीदारी पर चर्चा की. उन्होंने मेले के कई स्टॉलों का दौरा किया, खासकर अफगान स्टॉलों का, जहां स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे. यहां उन्होंने अफगान व्यापारियों और भारतीय आयातकों से बातचीत की और नए बाजारों में पहुंच बनाने के अवसर तलाशे. 2021 के बाद यह पहली बार है कि कोई अफगान मंत्री ITPO के कार्यक्रम में हिस्सा ले रहा है. पाकिस्तान के साथ जारी तनाव, ट्रेड रूट बंद होने और लॉजिस्टिक समस्याओं के बीच अफगानिस्तान अब भारत को एक स्थिर व्यापारिक साझेदार के रूप में देख रहा है.
अफगानिस्तान भारत की दवाइयों, कपड़ा उद्योग, मशीनरी और तकनीक को बड़ी संभावना के रूप में देखता है. वहीं भारत के लिए अफगानिस्तान सूखे मेवे, कृषि उत्पाद और खनिजों का महत्वपूर्ण स्रोत है. दोनों देशों के बीच बढ़ते रिश्तों को हाल ही में और मजबूती मिली है, जब भारत ने काबुल मिशन को फिर से पूर्ण दूतावास स्तर पर अपग्रेड किया.
अफगानिस्तान अब भारत से खनन, बिजली और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स में निवेश की उम्मीद कर रहा है. साथ ही पाकिस्तान पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक कनेक्टिविटी रूट्स पर भी चर्चा चल रही है. यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. अक्टूबर 2025 में अफगान विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी भी भारत आए थे, जो तालिबान शासन के बाद से अब तक का उच्च-स्तरीय दौरा था. उस दौरान दोनों देशों ने संयुक्त व्यापार समिति बनाने पर सहमति जताई थी.