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Zee SalaamMuslim Worldईरान ने न्यूक्लियर डील पर नहीं भरी हामी, तो भड़के ट्रंप; कहा- मिटा देंगे तेहरान

ईरान ने न्यूक्लियर डील पर नहीं भरी हामी, तो भड़के ट्रंप; कहा- मिटा देंगे तेहरान

Donald Trump Iran Threat: ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे वक्त से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. साल 2015 में अमेरिका और कई दूसरे देशों ने ईरान के साथ एक परमाणु समझौता किया था. 

ईरान ने न्यूक्लियर डील पर नहीं भरी हामी, तो भड़के ट्रंप; कहा- मिटा देंगे तेहरान

Donald Trump Iran Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को परमाणु समझौते के लिए पत्र लिखा था, जिसका ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन ने जवाब दिया है. ईरान के राष्ट्रपति ने साफ कर दिया कि तेहरान परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं करेगा. इस बयान के बाद ट्रंप चिढ़ गए और उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने के लिए 30 मार्च को देर रात हमला करने की धमकी भी दी है.

ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान नए परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उसे "ऐसी बमबारी का सामना करना पड़ेगा जो उसने पहले कभी नहीं देखी होगी." ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है.

क्या है मामला?
ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे वक्त से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. साल 2015 में अमेरिका और कई दूसरे देशों ने ईरान के साथ एक परमाणु समझौता किया था. इस समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जताई थी, बदले में उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटा लिया गया था. लेकिन 2018 में जब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब उन्होंने इस समझौते को तोड़ दिया और ईरान पर फिर से सख्त बैन लगा दिए. इसके बाद ईरान ने भी अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा तेज कर दिया, जिससे अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ उसका टकराव और बढ़ गया.

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ट्रंप की नई धमकी
अब, जब ट्रंप 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुने गए हैं, तो उन्होंने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान नए परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो अमेरिका उस पर भीषण बमबारी करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि वे ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं.

ईरान की प्रतिक्रिया
ट्रंप के इस बयान पर ईरान ने नाराजगी जताई है. ईरान के राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि वे अमेरिका के साथ सीधे बातचीत नहीं करेंगे, लेकिन ओमान जैसे किसी दूसरे देश के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत हो सकती है. ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह कोई परमाणु हथियार नहीं बना रहा.

तनाव बढ़ने की आशंका
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है. पहले भी दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव हो चुका है, खासतौर पर 2020 में जब अमेरिका ने ईरान के एक बड़े सैन्य जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इसका असर सिर्फ इन दो देशों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में अशांति फैल सकती है. साथ ही, इससे वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में से एक है.

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Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

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