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Qatar great ally of America: कतर की राजधानी दोहा पर हुए इजरायली हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार है. इजरायल एक-एक कर मिडिल ईस्ट के सभी देशों पर हमले कर रहा है. इससे मिडिल ईस्ट के देशों समेत पूरे मुस्लिम देशों में आक्रोश है. अपने देश पर हुए हमले को लेकर कतर गुस्से में है. इसी कड़ी में आज इस्लामिक देशों की आपत्कालीन बैठक बुलाई गई है, जिसमें इजरायल के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की योजना पर चर्चा होगी.
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल से नाराज दिख रहे हैं. उन्होंने कहा है कि कतर अमेरिका का एक महान सहयोगी देश है, इसलिए इजरायल को बहुत सावधान रहना होगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते रविवार को मीडिया से बातचीत में इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को संदेश देते हुए कहा कि इजरायल को काफी सावधान रहना होगा. उन्होंने कहा कि इजरायल हमास के खिलाफ कार्रवाई करे, लेकिन कतर, अमेरिका का एक महान सहयोगी देश है.
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कतर पर इजरायली हमले को लेकर नाराजगी जता चुके हैं. उन्होंने कहा था कि वह कतर पर हुए हमले से खुश नहीं हैं, लेकिन उन्होंने इजरायल के खिलाफ कुछ नहीं बोला. कतर ने इजरायली हमले को स्टेट टेररिज्म करार दिया है.
गौरतलब है कि अमेरिका का इस पूरे मामले में संदिग्ध रवैया रहा है. डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ कतर को अमेरिका का महान सहयोगी देश बता रहे हैं. वहीं, कतर पर हमला करने वाले इजरायल का पूरा समर्थन कर रहे हैं. बीते रविवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो इजरायल के दौरे पर गए और नेतन्याहू के साथ बैठक की. दोनों नेताओं ने सामूहिक बयान भी जारी किया.
इससे पता चलता है कि अमेरिका इजरायल से सिर्फ दिखावे के लिए नाराज है. हकीकत में वह इजारयल के हर बदमाशी के साथ खड़ा है. अगर ट्रंप, नेतन्याहू के हमले से सच में नाराज हैं तो अब तक किसी भी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की? दूसरी तरफ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कतर को धमकी दे रहे हैं. उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा कि कतर, हमास के लीडर्स को न्याय के कटघरे में लाए, वरना इजरायल दोबारा हमला करेगा.