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Zee SalaamMuslim Worldइमरान खान की तन्हा कैद पर पूर्व पत्नी जेमिमा की पुकार, एलन मस्क से लगाई मदद की गुहार

इमरान खान की तन्हा कैद पर पूर्व पत्नी जेमिमा की पुकार, एलन मस्क से लगाई मदद की गुहार

Imran Khan Arrest Row: इमरान खान की लंबी एकांत कैद को लेकर पाकिस्तान पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए इसे गैर-कानूनी करार दिया है. उन्होंने इमरान खान के तुरंत रिहाई की मांग की है. दूसरी तरफ उनकी पहली पत्नी ने भी एलन मस्क से मदद की गुहार लगाई है. 

 

पूर्व पत्नी जेमिमा ने मस्क से लगाई मदद की गुहार (फाइल फोटो)
पूर्व पत्नी जेमिमा ने मस्क से लगाई मदद की गुहार (फाइल फोटो)

Pakistan News Today: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद है. इमरान खान की हिरासत के खिलाफ शहबाज शरीफ सरकार पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इमरान खान के साथ जेल में हो रहे कथित अत्याचार अब सिर्फ पाकिस्तान की घरेलू सियासत का मुद्दा नहीं रह गया है बल्कि यह एक अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार का विषय बन चुका है.

एक दिन पहले इमरान खान की पहली बीवी जेमिमा खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क को टैग करते हुए मदद की अपील की गुहार लगाई थी. जेमिमा खान ने दावा किया कि इमरान खान को लंबे समय से अपने परिवार से मिलने और बातचीत करने की इजाजत नहीं दी जा रही है.

इसी बीच कई अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया है कि इमरान खान को जेल में लंबे समय तक अकेले रखा गया है, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून के मुताबिक मानसिक यातना की श्रेणी में आता है. संगठनों का कहना है कि किसी भी शख्स को लंबे समय तक एकांत में रखना न सिर्फ अमानवीय है बल्कि यह उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है.

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पाकिस्तान को इस वक्त देश के भीतर आलोचना के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं और कानूनी समूहों की ओर से भी औपचारिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ रहा है. कई वैश्विक संगठनों और विशेषज्ञों ने इमरान खान को अकेले कैद में रखने और उन्हें कानूनी सलाह व मुलाकात से महरूम करने को लेकर इस्लामाबाद को एक संयुक्त चिट्ठी भेजी है.

इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि एक चुने हुए पूर्व प्रधानमंत्री को इस तरह अलग-थलग रखना गंभीर लोकतांत्रिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाल सकता है. इमरान खान की हिरासत को लेकर संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष रिपोर्ट में भी पाकिस्तान सरकार की कड़ी आलोचना की गई है.

संयुक्त राष्ट्र की स्पेशल रिपोर्टर एलिस जिल एडवर्ड्स ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह अमानवीय और अपमानजनक हिरासत से जुड़ी रिपोर्टों पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करे. उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत किसी शख्स को लंबे समय तक या बिना किसी निगरानी के अकेले में रखना प्रतिबंधित है.

एलिस जिल एडवर्ड्स ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर अकेले में रखे जाने की अवधि 15 दिनों से ज्यादा हो जाती है, तो इसे मनोवैज्ञानिक यातना माना जाता है. उन्होंने कहा कि इमरान खान की एकांत कैद को बिना देरी खत्म किया जाना चाहिए और इस तरह के व्यवहार से उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इमरान खान को लंबे समय तक अकेले रखना अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का खुला उल्लंघन है और इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप जरूरी है.

इस विवाद को उस समय और हवा मिली जब इमरान खान के करीबी सहयोगी और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहैब आफरीदी ने दावा किया कि जेल में खान के साथ खराब बर्ताव किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अदियाला जेल प्रशासन ने इमरान खान की बीवी बुशरा बीबी को दसवीं बार खान से मिलने की इजाजत नहीं दी है, जिससे पारदर्शिता और कानूनी पहुंच को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं.

दूसरी ओर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सियासी मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इमरान खान से मुलाकात को इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर रोका गया था. सनाउल्लाह का आरोप है कि खान का इरादा 26 नवंबर को इस्लामाबाद में हुए विरोध प्रदर्शनों जैसे एक और आंदोलन की योजना बनाने का था. इस बीच इमरान खान के करीबी सहयोगी डॉ. सलमान अहमद ने खुले तौर पर पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर पर पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ गैरकानूनी कार्रवाई करने के आरोप लगाए हैं.

वहीं, जेमिमा खान ने एक्स पर एलन मस्क को टैग करते हुए लिखा कि उनके दोनों बेटों ने लंबे समय से अपने पिता को नहीं देखा है. उन्होंने दावा किया कि महीनों से बच्चों को इमरान खान से बात करने या चिट्ठी भेजने की भी इजाजत नहीं दी गई है. जेमिमा ने यह भी कहा कि इमरान खान का नाम पाकिस्तान के लगभग सभी टीवी और रेडियो चैनलों से बैन कर दिया गया है और पाकिस्तानी अधिकारी उनके करीबी लोगों की आवाज दबाने को तरजीह दे रहे हैं.

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