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Qatar Attack: अरब लीग के महासचिव अहमद अबूल ग़ैट ने रविवार को इज़राइल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि किसी अपराध पर चुप्पी, और अपराधों का रास्ता खोल देती है. दोहा में अरब और इस्लामी नेताओं के आपातकालीन शिखर सम्मेलन से पहले हुई तैयारी बैठक में बोलते हुए ग़ैट ने कहा कि यह सम्मेलन अपने आप में एक सशक्त संदेश है कि कतर अकेला नहीं है. अरब और इस्लामी दुनिया उसके साथ खड़ी है.
उन्होंने आगे कहा कि गाज़ा में दो वर्षों से जारी नरसंहार पर अंतरराष्ट्रीय चुप्पी का सीधा नतीजा हैं, जिसने क़ब्ज़ाधारियों को बेख़ौफ़ कर दिया है. यह शिखर सम्मेलन कतर ने उस वक्त बुलाया जब 9 सितंबर 2025 को इज़राइल ने दोहा में हमास अधिकारियों पर अटैक किया था.
तैयारी बैठक में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दोहरी नीति बंद करने और इज़राइल को उसके अपराधों के लिए सज़ा देने की अपील की है. उन्होंने कहा, "अब वक्त आ गया है कि इंटरनेशनल कम्यूनिटी दोहरी नीति छोड़कर इज़राइल को उसके सभी अपराधों के लिए दंडित करे. फ़िलिस्तीनी जनता पर चलाया जा रहा यह विनाशकारी युद्ध, जिसका मक़सद उन्हें उनकी ज़मीन से बेदख़ल करना है, कामयाब नहीं होगा."
इज़राइली हमले में छह लोग मारे गए थे, हालांकि उसके असली निशाने हमास के शांति वार्ताकार बच गए. शेख मोहम्मद ने कहा कि यह हमला मध्यस्थता के सिद्धांत पर सीधा हमला है और इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद कहा जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह लापरवाह और ग़द्दाराना इज़राइली आक्रमण उस वक्त किया गया, जब कतर इज़राइल की जानकारी में गाज़ा सीजफायर के लिए ऑफिशियल बातचीत कर रहा था.