)
Arab News: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सनकभरी सोच और कब्जे की नीति दुनिया के सामने आ गई गई है. PM नेतन्याहू ने हाल ही में एक मीडिया इंडरव्यू में 'ग्रेटर इजरायल' बनाने की बात कही थी, यानी अपने पड़ोसी अरब मुल्कों पर हमला कर उनके जमीन कब्जा ने निति की पुष्टि खुद नेतन्याहू ने कर दी है. इस बायन के बाद अरब देशों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निंदा की है. ग्रेटर इजरायल की अवधारणा के तहत फिलिस्तीन, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, इराक और मिस्र की जमीन पर कब्जा करने की बात कही जाती है.
'अरब लीग' में शामिल देशों ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के जरिए अरब मुल्कों के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा करने और 'ग्रेटर इज़राइल' की स्थापना की वाले बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है. अरब लीग ने नेतन्याहू के इस बयान को अरब मुल्कों की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है. साथ ही इस बयान को क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने वाला बताया.
गुजिश्ता मंगलवार को जारी एक बयान में अरब लीग ने कहा कि PM नेतन्याहू के जरिए 'ग्रेटर इजरायल' बनाने के संबंध में दिया गया बयान अरब मुल्कों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा है. अरब लीग ने इस बयान को अंतर्राष्ट्रीय क़ानून व अंतर्राष्ट्रीय सिद्धांतों के लिए एक गंभीर चुनौती बताया है. अरब लीग ने कहा कि PM नेतन्याहू का यह बयान इजरायल की विस्तारवादी और आक्रामक इरादों को दर्शाता है.
अरब लीग ने चेतावनी देते हुए कहा कि अरब मुल्कों की संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले इस तरह के बयान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. नेतन्याहू के इस विवादित बयान के बाद मिस्र ने भी बयान जारी कर नेतन्याहू की निंदा की है. मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया और इजरायल से PM नेतन्याहू के इस बयान पर स्पष्टीकरण की मांग की है.
गौरतलब है कि इजरायल जब से अपने वजूद में आया (वर्ष 1948) है, तब से कई बार अपने पड़ोसी अरब मुल्कों की जमीन पर कब्जा कर चुका है. साथ ही फिलिस्तीन का लगभग 85 परसेंट जमीन पर कब्जा कर लिया है.