Bangladesh News: शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में आम चुनावों को लेकर विपक्षी दल हंगामा मचा रहा है. इस बीच, अंतरिम सरकार के कानूनी सलाहकार आसिफ नजरूल ने आम चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया है.
Trending Photos
)
Bangladesh News: बांग्लादेश में पिछले साल 5 अगस्त को शेख हसीना सरकार का तख्तापलट हुआ था. इसके बाद एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जिसका नेतृत्व मोहम्मद यूनुस कर रहे हैं. वहीं, देश में विपक्षी दल यूनुस सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बना रहे थे, लेकिन सरकार कई बार टालमटोल कर रही थी. इस बीच, खबर आई है कि सरकार ने चुनाव कराने का फैसला कर लिया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विधि सलाहकार आसिफ नज़रुल ने आज बताया है कि मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की घोषणा के मुताबिक, आम चुनाव अगले साल फरवरी में होंगे.
यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ बांग्लादेश (यूएनबी) ने सचिवालय में हुई कैबिनेट डिवीजन की बैठक के बाद नज़रुल के हवाले से कहा, "सरकार की ओर से हम दृढ़ हैं. हमारे सर (मुख्य सलाहकार) ने स्वयं समय-सीमा की घोषणा की है और इस घोषणा से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है." चुनाव कराने को लेकर व्याप्त असमंजस के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार फरवरी में चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
नज़रुल ने कहा, "हमारे मन में यही है और यही होगा." उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दल अक्सर अपने हितों के लिए बयान बदलते रहते हैं. परंपरागत रूप से देश में इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी हमेशा से होती रही है और अब भी उसी तरह जारी है. इसमें कोई गुणात्मक बदलाव नहीं आया है. इसलिए, चुनाव के समय को लेकर मुख्तलिफ दलों की टिप्पणियों को राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए."
चुनाव को लेकर बांग्लादेश में हंगामा
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ़्ते नेशनल सिटिज़न्स पार्टी (एनसीपी) के मुख्य समन्वयक नसीरुद्दीन पटवारी ने कहा कि अगले साल फरवरी में होने वाले चुनाव तब तक नहीं हो सकते जब तक ये सुधार पूरे नहीं हो जाते. उन्होंने यह टिप्पणी ढाका के फ़ार्मगेट स्थित कृषिबिड संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए की.
सरकार को अल्टीमेटम
प्रमुख बांग्लादेशी दैनिक जुगंटोर ने एनसीपी नेता के हवाले से कहा, "अगर सुधारों को पूरा किए बिना चुनाव होते हैं, तो इस सरकार को कब्र में जाकर मेरे उन भाइयों के शव लौटाने होंगे जो सुधारों के लिए शहीद हुए और अपना खून दिया." वहीं, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के संयुक्त महासचिव शाहिद उद्दीन चौधरी एनी और कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेता अब्दुल्ला मोहम्मद ताहिर भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे.
इनपुट- IANS