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Bangladesh Concert Attack: बांग्लादेश में कलाकारों, परफॉर्मरों और सांस्कृतिक संस्थानों पर हो रहे हमलों के बीच मशहूर गायक जेम्स का एक कॉन्सर्ट रद्द कर दिया गया है. यह प्रोग्राम ढाका से करीब 120 किलोमीटर दूर फरीदपुर में आयोजित होना था. लेकिन, शुरू होने से पहले भी भीड़ ने बवाल कर दिया.
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कॉन्सर्ट शुक्रवार रात 9 बजे एक स्थानीय स्कूल की वर्षगांठ के मौके पर होने वाला था. कार्यक्रम के दौरान एक ग्रुप ने जबरन आयोजन स्थल में घुसने की कोशिश की और भीड़ पर ईंट-पत्थर फेंके. स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रों ने हमलावरों का विरोध किया, लेकिन हालात बिगड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर कॉन्सर्ट रद्द कर दिया गया.
बताया जा रहा है कि इस हमले के पीछे एक इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ थी, जिसने बांग्लादेश के सबसे बड़े रॉकस्टार जेम्स के कॉन्सर्ट को निशाना बनाया. आरोप है कि यह भीड़ देश में किसी भी तरह के संगीत या सांस्कृतिक आयोजनों के खिलाफ है. हमले के दौरान जेम्स किसी तरह वहां से निकलने में कामयाब रहे.
Today a violent mob attacked prominent singer James concert in Faridpur. He later left the venue immediately to save his life.
Extremist are on a mission to make Bangladesh failed country like Pakistan. pic.twitter.com/muqb87s6tf
— Redowan Ibne Saiful (@Redowanshakil) December 26, 2025
तसलीमा नसरीन ने इस हिंसा की मज़म्मत की और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कुछ दिन पहले सरोद वादक सिराज अली खान ढाका आए थे. वे महान उस्ताद अलाउद्दीन खान के पोते और उस्ताद अली अकबर खान के बेटे हैं. खुद सिराज अली खान मइहर घराने के प्रतिष्ठित कलाकार हैं.
नसरीन के अनुसार, सिराज अली खान बिना कोई कार्यक्रम किए भारत लौट गए और कहा कि जब तक बांग्लादेश में कलाकारों, संगीत और सांस्कृतिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, वे दोबारा वहां नहीं आएंगे. निर्वासित लेखिका ने यह भी बताया कि दो दिन पहले उस्ताद राशिद खान के बेटे अरमान खान ने भी ढाका आने का निमंत्रण ठुकरा दिया था.
जेम्स बांग्लादेश के मशहूर सिंगर-सॉन्गराइटर, गिटारिस्ट और संगीतकार हैं. वे रॉक बैंड 'नगर बाउल' के लीड सिंगर, गीतकार और गिटारिस्ट हैं. जेम्स ने बॉलीवुड के लिए भी कई लोकप्रिय गाने गाए हैं, जिनमें फिल्म 'गैंगस्टर' का 'भीगी-भीगी' और 'लाइफ इन ए मेट्रो' का 'अलविदा' शामिल है. बांग्लादेश में उनकी जबरदस्त लोकप्रियता है, और उनके कॉन्सर्ट पर हमला इस बात का संकेत माना जा रहा है कि देश में कट्टरपंथी तत्व कितने बेखौफ हो चुके हैं.
हाल के दिनों में बांग्लादेश में भीड़ सड़कों पर हावी होती नजर आ रही है, जबकि राज्य पर आंखें मूंदे रहने के आरोप लग रहे हैं. छायानट, उदीची जैसी सांस्कृतिक संस्थाओं के अलावा कलाकारों, पत्रकारों और अखबारों के दफ्तरों पर भी हमले हुए हैं. आरोप है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इन भीड़ों को कंट्रोल करने में नाकामयाब रही है.
सरकार के आलोचकों का कहना है कि हिंसा और आगजनी की ये घटनाएं जानबूझकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए कराई जा रही हैं, ताकि फरवरी में प्रस्तावित चुनावों को टाला जा सके.