Bangladesh Mob Killed Spiritual Leader: बांग्लादेश के कुश्तिया जिले में भीड़ ने एक आध्यात्मिक नेता की पीट-पीटकर हत्या कर दी. बताया ज रहा एक इस्लाम के सबसे पवित्र ग्रंथ पर टिप्पणी करने की एक पुरानी वीडियो वायरल होने पर लोग नाराज हो गए, और 60 साल के बुजुर्ग शख्स पर लाठियों डंडों से हमला कर दिया. इस मामले में बांग्लादेश पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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Bangladesh Mob Lynching News: मजहबी तनाव जब बेकाबू हो जाता है, तो भीड़ की नाराजगी किस हद तक खतरनाक साबित सकता है, इसका ताजा उदाहरण बांग्लादेश से सामने आया है. यहां एक स्वयंभू आध्यात्मिक नेता की भीड़ के जरिये पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिसने पूरे देश में सनसनी फैला दी है. बांग्लादेश में बीते कुछ सालों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ गई हैं.
बांग्लादेश के कुश्तिया जिले में शनिवार (11 अप्रैल 2026) को यह दर्दनाक घटना हुई. अधिकारियों के मुताबिक, शमीम रेजा जहांगीर नाम के एक शख्स पर सैकड़ों लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया. मृतक शमीम की उम्र करीब 60 साल बताई जा रही है. भीड़ ने उनके घर पर धावा बोला और लाठियों से जमकर पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
कुश्तिया जिले के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी तौहीद बिन हसन ने बताया कि यह हिंसा एक पुराने वीडियो के वायरल होने के बाद भड़की. यह वीडियो शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को दोबारा सोशल मीडिया पर किसी ने पोस्ट की थी. वीडियो में कथित तौर पर जहांगीर यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि कुरान लिखने वाले लोग अशिक्षित थे और जो लोग इसे पढ़ते हैं, वे उससे भी बदतर हैं. इस बयान ने लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर दिया, जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई.
अधिकारियों के मुताबिक, हालात बिगड़ने की आशंका पहले ही जताई जा रही थी. इसी को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और प्रशासन ने हालात को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन 200 से ज्यादा लोगों की आक्रोशित भीड़ ने जहांगीर के घर पर हमला कर दिया, जिसे रोक पाना मुश्किल हो गया. इस हमले में जहांगीर गंभीर रुप से घायल हो गये, जिन्हें आनन फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टरों ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया.
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साल 2021 में भी शमीम रेजा जहांगीर को इसी तरह का विवादित बयान देने के बाद गिरफ्तार किया गया था. बताया जा रहा है कि हाल ही में वायरल हुई वीडियो उसी समय की रिकॉर्डेड क्लिप थी. इस मामले पर बांग्लादेश पुलिस के प्रवक्ता एएचएम सहादत हुसैन ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है.
दरअसल, बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से भीड़ के जरिये हिंसा की घटनाओं में इजाफा हो गया है. साल 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के सत्ता से जाने के बाद से हालात और भी बिगड़े हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त 2024 से लेकर सितंबर 2025 तक भीड़ के हमले में कम से कम 153 लोगों की जान जा चुकी है. यह आंकड़ा ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन ओधिकार की रिपोर्ट में सामने आया है.
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