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Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर विपक्षी दलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आरोप लग रहे हैं. ढाका की सड़कों पर लोकतंत्र की आवाज उठाने वालों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में बांग्लादेश पुलिस ने अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों के 3,000 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है.
आरोप है कि इन सभी को राजधानी ढाका में जुलूस निकालने के आरोप में हिरासत में लिया गया है. राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) के डिप्टी कमिश्नर तालेबुर रहमान ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे राष्ट्रीय चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सियासी सरगर्मियां तेज होंगी. हालांकि, लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि पुलिस चुनाव को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी में है. तालेबुर रहमान ने कहा, "हम अलर्ट हैं और किसी भी तरह की तोड़फोड़ वाली गतिविधि को रोकने की क्षमता रखते हैं."
बंगाल के प्रमुख अखबार 'प्रोथोम आलो' ने पुलिस अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त हुई जब शुक्रवार (31 अक्टूबर) को ढाका के अलग-अलग इलाकों से अवामी लीग के 46 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का दावा है कि ये सभी बिना इजाजत के निकाले गए जुलूसों में शामिल थे. ये कार्रवाई उस वक्त हुई है जब मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के तहत अवामी लीग के नेताओं और पार्टी समर्थकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
इससे पहले पिछले हफ्ते भी ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने 131 नेताओं और कार्यकर्ताओं को अचानक जुलूस निकालने के आरोप में गिरफ्तार किया था. इस घटना के बाद अवामी लीग ने पुलिस और सियासी विरोधियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने शांतिपूर्ण जुलूस पर हमला किया. पार्टी ने इन गिरफ्तारियों और हिंसक हमलों की कड़ी निंदा की. अवामी लीग ने कहा कि राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को जबरन हिरासत में लिया गया, उन पर हमला किया गया और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए.
अवामी लीग ने यह भी आरोप लगाया कि घायल कार्यकर्ताओं को इलाज तक नहीं दिया गया और कुछ को अगवा कर लिया गया या जबरन गायब कर दिया गया. अवामी लीग का कहना है कि कुछ पीड़ितों की रिहाई के लिए फिरौती तक मांगी गई. अवामी लीग के मुताबिक, "लोकतंत्र को फिर से स्थापित करने, लोगों के अधिकारों की रक्षा करने और न्यायपूर्ण संघर्ष जारी रखने के लिए पार्टी के सदस्यों पर क्रूरता से दमन किया जा रहा है."