Heavy Rainfall and Landslide in Indonesia: मध्य जावा में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से भारी नुकसान हुआ है. इस घटना में अब तक 11 लोगों के मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोग अभी भी लापता है. राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए BNPB को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
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Indonesia News Today: इंडोनेशिया के मध्य जावा में भारी बारिश और भूस्खलन से बड़े पैमाने पर जन-धन के नुकसान की खबर मिली है. इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार (15 नवंब) को बताया कि मध्य जावा में भारी बारिश के बाद आए भूस्खलन में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोग अभी भी लापता हैं. राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को सिलाकैप शहर में हुए इस भूस्खलन में सिबेयुनयिंग गांव के करीब एक दर्जन घर मलबे में दब गए थे. बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि कई लोग 3 से 8 मीटर (10 से 25 फीट) की गहराई में दबे हुए थे. एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहरी ने रॉयटर्स को बताया कि अभी तक 11 शवों को बरामद किया जा चुका है, जिनमें से तीन शुक्रवार को और आठ शव शनिवार को निकाले गए. उन्होंने कहा कि 12 लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है.
राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी (BNPB) के आपातकालीन प्रतिक्रिया उप-प्रमुख बुदी इरावन को शनिवार को इस घटना को लेकर राष्ट्रपति का संदेश मिला. इंडोनेशिया की अंतारा न्यूज एजेंसी ने बताया कि राष्ट्रपति ने हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और BNPB को मौके पर कर्मियों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह भी आदेश दिया गया है कि आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि खत्म होने तक माजेनंग में राहत कार्य पूरे किए जाएं.
शुक्रवार को सिलाकैप जिला प्रशासन के साथ हुई समन्वय बैठक में बताया गया कि कुल 512 संयुक्त कर्मियों को राहत अभियान में लगाया गया है. इसमें राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी, राष्ट्रीय सशस्त्र बल और अलग-अलग स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य शामिल हैं. BNPB ने भारी उपकरणों की संख्या बढ़ाकर आठ कर दी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश तेजी से करने के लिए खोजी कुत्तों (K-9 यूनिट) को भी उतारा है.
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों की आवश्यक जरूरतें सार्वजनिक रसोई और स्वास्थ्य चौकियों के माध्यम से पूरी की जा रही हैं. गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में भी मध्य जावा के पेकलोंगन शहर में मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन में कम से कम 25 लोगों की मौत हुई थी.
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