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Sudan Conflict 2025: सूडान में सेना और अर्धसैनिक बल RSF के बीच संघर्ष जारी है. इस हिंसा की वजह से लोगों की जिंदगी तबाह हो गया है. पश्चिम दारफुर क्षेत्र के एल-फाशर शहर पर 26 अक्टूबर को RSF के कब्जे के बाद वहां भयानक हिंसा और अत्याचार की खबरें सामने आई हैं. हजारों की संख्या में लोग पलायन कर चुके हैं. 16,000 से ज्यादा लोग एल-फाशर से भागकर तविला नाम के इलाके में पहुंच चुके हैं.
वहीं संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि अब तक 82,000 से ज्यादा लोग शहर और आसपास के इलाकों से पलायन कर चुके हैं. लेकिन तविला में भी हालात बेहद खराब हैं. लोग फटे तिरपालों से टेंट बनाकर रह रहे हैं, खाने की कमी, बीमारियां और भूख से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. कई परिवारों को दिन में सिर्फ एक या दो बार खाना मिल पा रहा है.
अब तक कितने लोगों की हो चुकी है मौत
WHO के मुताबिक, RSF के लड़ाकों ने एल-फाशर के सऊदी अस्पताल पर हमला कर 450 से ज्यादा लोगों की हत्या की. कई नागरिकों को उनके घरों में घुसकर मारा गया और महिलाओं के साथ यौन हिंसा की गई. RSF इन आरोपों को नकारता है, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरें और चश्मदीदों के बयान भयानक सच्चाई दिखाते हैं. 2023 के अप्रैल से शुरू हुई इस लड़ाई में अब तक 40,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1.2 करोड़ से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. लगभग आधी आबादी भुखमरी के कगार पर है.
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टुर्क ने चेतावनी दी है कि एल-फाशर में अभी भी हजारों लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा. उन्होंने कहा कि शहर में बलात्कार, हत्या और जातीय हिंसा जारी है, और भागने के रास्ते भी खूनखराबे से भरे हुए हैं. लड़ाई अब दारफुर से बढ़कर कॉर्डोफान क्षेत्र तक फैल चुकी है. इसी हफ्ते एल-ओबेद शहर में ड्रोन हमले में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई. हालांकि अमेरिका समर्थित क्वाड समूह ने युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है, लेकिन सेना ने कहा है कि वह तभी मानेगी जब RSF नागरिक इलाकों से पीछे हटे और हथियार डाल दे.