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US Fire Accident: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में बीते दिनों हुई फायरिंग की घटना के बाद मुसलमान निशाने पर हैं. वॉशिंगटन डीसी में फायरिंग की इस घटना में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड की सदस्य सारा बेकस्ट्रोम की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तानी प्रवासियों की माइग्रेशन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का ऐलान किया है. अक्सर मुस्लिम विरोधी बयानों और फैसलों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान समते 18 दूसरे देशों के ग्रीन कार्ड होल्डर्स की कड़ी जांच का आदेश दिए हैं.
बता दें, अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर गोलीबारी की एक बड़ी वारदात सामने आई थी. जानकारी के मुताबिक, सड़क पर गश्त कर रहे सैनिकों को एक बंदूकधारी ने निशाना बनाया. आरोपी की पहचान अफगानिस्तानी नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो अफगानिस्तान से अमेरिका में दाखिल हुआ था.
फायरिंग के बाद निशाने पर इन देशों के ग्रीन कार्ड होल्डर्स
फायरिंग में दो नेशनल गार्ड सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान महिला सैनिक सारा बेकस्ट्रॉम ने गुरुवार को दम तोड़ दिया. इसी बीच अमेरिकी कस्टम्स एंड इमिग्रेशन सर्विस के डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश मुताबिक देश में घुश चुके हर शख्स के ग्रीन कार्ड की डीटेल जांच फिर से की जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत इस लिस्ट का हिस्सा नहीं है और अफगानिस्तान को छोड़कर दक्षिण एशिया के किसी अन्य देश पर इसका असर नहीं पड़ेगा.
ट्रंप के निशाने पर रहे हैं मुस्लिम बाहुल देश!
अमेरिका ने वर्ष 2023 में 12 देशों पर ट्रैवल बैन लगाया था. इस लिस्ट में मुस्लिम बाहुल देशों को निशाना बनाया गया था. जिनमें अफगानिस्तान, चाड, रिपब्लिक ऑफ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं. इसके अलावा 7 अन्य देशों, जिनमें बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला शामिल हैं, पर आंशिक प्रतिबंध है. इन देशों के नागरिक अमेरिका में स्थायी रूप से प्रवेश नहीं कर सकते या कुछ विशेष वीजा प्राप्त नहीं कर सकते.
ग्रीन कार्ड के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह अमेरिका का वैध स्थायी निवासी कार्ड है, जिसके जरिये कोई भी शख्स अमेरिका में अनिश्चित समय तक रह सकता है और काम कर सकता है. ग्रीन कार्ड धारकों को अधिकांश अधिकार वही मिलते हैं जो एक अमेरिकी नागरिक के पास होते हैं. हालांकि, इसके लिए एक निश्चित सरकारी फीस अदा करनी होती है. हाल ही में अमेरिका ने इसके नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं.
अमेरिका में चाकूबाजी और गोलीबारी से जुड़े अपराध लगातार बढ़ते दिख रहे हैं. कई मामलों में व्यक्तिगत दुश्मनी, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और धार्मिक या नस्लीय नफरत प्रमुख वजह बनकर सामने आई हैं. अमेरिका में इस तरह के अपराधों को धार्मिक आधार पर निशाना बनाया जा रहा है. अमेरिका में मुस्लिम आबादी 1 फीसदी से ज्यादा है और उनके अपराध की दर बहुत मामूली हैं. अक्सर मुस्लिमों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाया जाता रहा है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2023 से 2025 के बीच कई हाई-प्रोफाइल मामलों में हमले का निशाना मुस्लिम या अन्य अल्पसंख्यक समुदाय बने, जबकि आरोपी गैर-मुस्लिम थे. कुछ मामलों में अदालतों ने अपराधियों को दोषी ठहराया है, जबकि कुछ मामले अभी लंबित हैं. ऐसे मामले में जिनमें आरोपी इसाई,यहूदी और गैर-मुस्लिम होते हैं, उनको नदारद कर दिया जाता है. मुस्लिम आरोपी होने पर अमेरिकी दक्षिणपंथी और ट्रंप सरकार इसको पुरजोर तरीके से उठाती है और नए प्रतिबंध निकल सामने आते हैं.
1. वाडिया अल-फायुमे हत्या- इलिनॉय
बीते 14 अक्टूबर 2023 को प्लेनफील्ड, इलिनॉय में 6 साल के फिलिस्तीनी-अमेरिकी मुस्लिम बच्चे वाडिया अल-फायुमे की चाकू से 26 बार वार कर हत्या कर दी गई. आरोपी ने उसे 'ग़ज़ा से आने वाला' समझकर निशाना बनाया. बच्चे की मां पर भी हमला हुआ. बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, उसकी पहचान जोसेफ चूबा के रुप में हुई है. कोर्ट ने उसे पहली डिग्री मर्डर और हेट क्राइम का दोषी ठहराया.
2. पोर्टलैंड ट्रेन स्टैबिंग- ओरेगन
इसी तरह 26 मई 2017 की इस घटना में (2024 में अपील) दो मुस्लिम महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणियां की गईं. उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे तीन यात्रियों पर चाकू से हमला किया गया. आरोपी एक गैर मुस्लिम था, जिसकी पहचान जेरेमी क्रिश्चियन के रुप में हुई. इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गए. कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई और इसे हेट क्राइम माना गया. पहले इसे मुस्लिम बताया जा रहा था, लेकिन जेरेमी क्रिश्चियन नाम जाहिर होते ही, यह मीडिया और सियासी दलों की जुबान बंद हो गई.
3. कोलोराडो एंटी-सेमिटिक शूटिंग- बोल्डर
अमेरिका के कोलोराडो राज्य के बोल्डर में 1 जून 2025 को गोलीबारी की घटना सामने आई. आरोपी ने एक समुदाय को निशाना बनाते हुए हुए गोलीबारी की. इस दौरान आरोपी ने विवादित नारे भी लगाए. घटना में एक महिला की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. इस मामले में आरोपी निकोलस रोजर्स (गैर-मुस्लिम) को हत्या और हेट क्राइम से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. मीडिया और सियासी दलों ने पहले आरोपी को एक मुस्लिम बताया था, लेकिन बाद में वह गैर-मुस्लिम निकला.
4. साल 2024 में फ्लोरिडा में दो विदेशी पर्यटक उस समय गोलीबारी का शिकार हो गए, जब आरोपी ने उन्हें फिलिस्तीनी नागरिक समझ लिया. इसके बाद आरोपी माइकल रिचर्ड्स (गैर-मुस्लिम) को मौके से गिरफ्तार किया गया. दो लोग इस हमले में घायल हुए. इस घटना को हेट क्राइम मानते हुए आरोपी पर असॉल्ट और अन्य गंभीर धाराओं में आरोप लगाए गए हैं. इसी साल फरवरी 2024 में टेक्सास में इजरायल–फिलिस्तीन तनाव की पृष्ठभूमि में एक फिलिस्तीनी-अमेरिकी नौजवान पर चाकू से हमला किया गया. आरोपी रिचर्ड एलन को पुलिस ने गिरफ्तार किया और अदालत ने उसे हेट क्राइम का दोषी करार दिया. हमले में पीड़ित घायल हो गया था.