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जोहरान ममदानी को हराने की सारी साजिशें नाकाम; ट्रंप-कट्टरपंथी यहूदियों ने खर्च कर दिए 2,21,62,67,500 रुपये

Jewish propaganda against Zohran Mamdani: नवनिर्वाचित न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी की जीत कई मायनों में खास है. ट्रंप के भारी विरोध और कट्टरपंथी यहूदियों के प्रोपैगेंडा और दबाव के बीच ममदानी न्यूयॉर्क का नौजवानों का दिल जीतने में कामयाब रहे हैं. हालांकि, ममदानी को हराने के लिए PAC नाम के ग्रुप ने 2 अरब 22 करोड़ रुपये खर्च डाले. जानें-ममदानी के पूरे संघर्ष की कहानी.

 

(फाइल फोटो)
(फाइल फोटो)

New York Mayor Zohran Mamdani News: दुनिया के सबसे ताकतवार देशों में से एक अमेरिका की सियासत में इस समय जोहरान ममदानी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. जोहरान ममदानी ने मंगलवार (4 नवंबर) को न्यूयॉर्क मेयर के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के रुप में बंपर जीत हासिल की. मेयर चुनाव जीतते ही अमेरिकन मीडिया डिबेट्स ममदानी की कार्यशैली, विचारधारा, न्यूयॉर्क के बेहतर बनाने के लिए किए गए वादों पर बात हो रही है. 34 वर्षीय ममदानी अमेरिकी इतिहास में  पिछले सौ सालों में सबसे नौजवान मेयर बनने का खिताब हासिल किया है, जबकि उनको वोट करने के लिए पूरा न्यूयॉर्क उमड़ पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 50 सालों में इतने बड़े पैमाने पर वोट टर्न हुआ है.

जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर का चुनाव जीतने के लिए कड़ी मेहनत की. वह पिछले कई महीनों से प्राइमरी और काक्स वोटिंग में अपने प्रतिद्वंद्वियों को करारी मात दी. शुरूआत में ममदानी को सर्वे में जीत के महज 1 फीसदी चांस थे, लेकिन समय बीतने के साथ उनकी जीत के मौके और ज्यादा प्रबल हो गए. 20 लाख वोटर वाले न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी के समर्थन में 58 फीसदी वोट पड़े. उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और इंडिपेंडेंट कैंडिडेट एंड्रयू कुओमो को 32 फीसदी वोट मिले. रिपब्लिकन उम्मीदवार को कर्टिस स्लीवा को सिर्फ 8 फीसदी वोट मिले. रिपब्लिकन उम्मीदवार को इतने कम वोट मिलने के लोकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फजीहत हो रही है.

दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ताल्लुक रिपब्लिकन पार्टी से हैं. ट्रंप पर कट्टरपथी यहूदी लॉबी का दबाव और जोहरान ममदानी की बढ़ती लोकप्रियता से खौफजदा दिखाई पड़े. जोहरान ममदानी का मुस्लिम होने के नाते, दूसरा फिलिस्तीन का समर्थन करने और ग़ज़ा में इजरायली नरसंहार का विरोध करने की वजह से यहूदियों के निशाने पर थे. माना जाता है कि ज्यादात अमेरिकी कट्टरपंथी यहूदी, रिपब्लिक पार्टी और ट्रंप का फेवर करते हैं. खुद ट्रंप के दामाद जेरेड कोरी कुशनर यहूदी हैं और कई मौकों पर वह इजरायल और नेतन्याहू गैर-कानूनी नीतियों का समर्थन करते हैं.

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जोहरादन ममदानी ममदानी ने अपने पूरे चुनाव प्रचार के समाजवाद और फिलिस्तीन का खुलकर समर्थन किया था. वह भी ऐसे समय में जब न्यूयॉर्क में ग़ज़ा में जारी जंग को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे थे. ममदानी ने ग़ज़ा में इज़रायल पर नरसंहार करने के आरोप लगाए थे. उन्हों कहा था कि अगर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू बेंजामिन न्यूयॉर्क आते हैं तो वे अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के वारंट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार करने के आदेश देंगे. हालांकि, बाद में उन्होंने इस बयान से दूरी बना ली थी. 

आंकड़ों से पता चलता है कि इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर उनके रुख ने ही उन्हें प्राइमरी चुनाव में जीत दिलाई. इजरायली नेताओं और कट्टरपंथी यहूदियों ने ममदानी की लोकप्रियता और फिलिस्तीन का पुरजोर समर्थन करता देखकर, जोहरान ममदानी पर एंटीसेमिटिज्म (यहूदियों के प्रति नफरत और दुश्मनी) के आरोप लगाने शुरू कर दिए. हालांकि, नेतन्याहू और इजरायल पर नरसंहार के आरोप लगाने वाले ममदानी अमेरिकी सियासत में अकेले नेता थे और न हैं. इसके बावजूद यहूदियों ने उनके खिलाफ प्रोपैगेंडा फैलाना शुरू कर दिया.

अमेरिका की आर्थिक रूप से मजबूत कट्टरपंथी यहूदी लॉबी, जो ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को फंड देते हैं, ने ट्रंप पर दबाव बनाया है. फिर क्या था अपने मुस्लिम विरोधी रूख के लिए मशहूर डोनाल्ड ट्रंप ने आग उगला शुरू कर दिया है. ट्रंप अलग-अलग मंचों पर जोहरान ममदानी के मुस्लिम होने, फिलिस्तीन का समर्थ करने और यहां तक की ममदानी का न्यूयॉर्क मेयर का चुनाव जीतने पर फेडरल फंड रोकने तक की धमकी दे दी. अपने बड़बोलेपन के लिए मशहूर और नोबेल पुरस्कार की मांग करने वाले ट्रंप को इसके लिए बड़े पैमाने पर आलोचना झेलनी बड़ी.

इसके बावजूद जब भारतीय मूल के जोहरान ममदानी नहीं झुके तो यहूदियों ने एक खतरनाक प्लान बनाया है. इसके तहत मेयर चुनाव के दौरान 'Fix the City' नाम के एक सुपर PAC ने लगभग 25 मिलियन डॉलर (2 अरब 21 करोड़ 62 लाख 67 हजार 500 रुपये) खर्च ममदानी के खिलाफ अभियान चलाना शुरू कर दिया. इसमें उनकी छवि एक यहूदी विरोधी और कट्टरपंथी जिहादी की तरह पेश करने लगे. चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें जान से मारने की भी धमकी दी गई. 
  
इन सबके बावजूद जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के नौजवानों का दिल जीतने में कामयाब रहे. अपनी जीत के बाद दिए भाषण में ममदानी ने कहा, "हम एक ऐसा शहर बनाएंगे जो यहूदी समुदाय के साथ मजबूती से खड़ा रहे और एंटीसेमिटिज्म के खिलाफ कभी पीछे न हटे." उन्होंने यह भी कहा, "न्यूयॉर्क अब ऐसी जगह नहीं रहेगा जहां इस्लामोफोबिया फैलाकर चुनाव जीता जा सके." इजरायल की नेतन्याहू सरकार के प्रोपैगेंडा, कट्टरपंथी यहूदियों का भारी विरोध के बीच न्यूयॉर्क के प्रमुख यहूदी धार्मिक नेता रब्बी मोइशे इंडिग ने भी जोहरान ममदानी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया था.

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