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Cairo Peace Peace Summit: गज़ा में स्थाई रूप से शांति स्थापित करने और सीजफायर के लिए अमेरिका और मिस्र की अध्यक्षता में मिस्र की राजधानी काहिरा में एक बड़ा शांति सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में तुर्की, फ्रांस, कतर, अमेरिका, मिस्र, ईटली, पाकिस्तान और भारत समेत लगभग 20 देशों ने हिस्सा लिया.
काहिरा में आयोजित शर्म अल शेख शांति सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह बीते रविवार (12 अक्टूबर) को मिस्र पहुंच चुके थे. सोमवार को राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने कीर्ति वर्धन सिंह का स्वागत किया. कीर्ति वर्धन ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी देते हुए एक पोस्ट में लिखा कि शर्म अल-शेख में गाजा शांति शिखर सम्मेलन के दौरान मिस्र के महामहिम राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मिलना सौभाग्य की बात थी.
उन्होंने आगे लिखा कि मिस्र और भारत के बीच एक महत्वपूर्ण और जीवंत रणनीतिक साझेदारी है. उन्होंने लिखा कि शिखर सम्मेलन ने शांति और बातचीत के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया. उन्होंने लिखा कि भारत मिडिल ईस्ट में शांति, स्थिरता और स्थायी सुरक्षा के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है.
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हमास द्वारा इजरायली बंधकों की रिहाई का स्वागत किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रयासों की सराहना की. PM मोदी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सभी बंधकों की रिहाई का स्वागत करते हैं. उन्होंने आगे लिखा कि बंधकों की आजादी, उनके परिवारों के साहस, राष्ट्रपति ट्रंप के अटूट शांति प्रयासों का प्रतीक है.
गज़ा शांति समझौते में शामिल चार मध्यस्थ देशों के राष्ट्राध्यक्ष मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शांति समझोते पर हस्ताक्षर किया. इस दौरान भारत की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी के जगह विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह मौजूद थे.