Eid Al-Adha 2025: सऊदी अरब में मंगलवार यानी कि 27 मई को बकरीद का चाँद देखा गया है. सऊदी किंगडम में हज यात्रा 4 जून से शुरू होगी और ईद-उल-अजहा 6 जून को मनाया जाएगा. इन तारीखों का ऐलान मंगलवार को चाँद देखने के बाद सऊदी किगंडम के सुप्रीम कोर्ट ने की हैं.
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Eid Al-Adha 2025: सऊदी अरब में बीते दिन मगरिब के बाद ईद-उल-अजहा का चाँद देखा गया है, जो कि 1446 एएच साल 2025 की शुरूआत है. इस महीने को अरबी में जुल-हिज्जा कहा जाता है और वही उर्दू में ईद-उल-अजा़ह और बकरीद कहते हैं. इसके साथ ही यह उम्मीद है कि हिन्दुस्तान में बकरीद का चाँद आज मगरिब के बाद देखा जा सकता है.
सऊदी अरब में मंगलवार यानी कि 27 मई को बकरीद का चाँद देखा गया है, जो कि इस्लाम में दूसरा सबसे खास और पाक महीना है. सऊदी अरब के पाक जगह मक्का में इस साल की हज यात्रा 4 जून से शुरू होगी, अरफा का दिन 5 जून का है और ईद-उल-अजहा 6 जून को मनाया जाएगा. इन तारीखों का ऐलान मंगलवार को चाँद देखने के बाद सऊदी किगंडम के सुप्रीम कोर्ट ने की हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 'एक्स' पर पोस्ट कर जानकारी शेयर की हैं.
बकरीद के बारे में
आपकों बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने मुल्क के मुसलमानों से मंगलवार यानी कि 27 मई की शाम को बकरीद के चाँद को देखने की अपील भी की थी. दुनियाभर में बकरीद जुल-हिज्जा की 10 तारीख को मनाया जाता है. यह पैगंबर इब्राहिम, उनकी अहलिया हजर और उनके बेटे इस्माइल के जरिए दिए जाने वाली कुर्बानी की याद दिलाता है. इसे मक्का में हर साल जुल-हिज्जा के महीने में पांच दिन की हज यात्रा के साथ मुकम्मल किया जाता है.
हज फर्ज है
जि तरह से दुनियाभर के मुसलमानों पर रोजा, जकात और नमाज फर्ज है, ठीक इसी तरह इस्लाम में हज भी फर्ज है. जो मुसलमान आर्थिक और शारीरिक तौर पर हज करने के काबिल है, उन्हें अपनी जिंदगी में एक दफा हज जरूर करना चाहिए. वैसे तो हर एक मुसलमान की ख्वाहिश होती है कि वह अपनी आखों से मक्का का दिदार कर सकें.