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Belgium Train Viral Video: ग़ज़ा पट्टी को इस समय दुनिया के नर्क की संज्ञा दी जा रही है. अपनी स्थापना के बाद से लगातार इजरायल बेगुनाह फिलिस्तीनियों पर जुल्म कर रहा है. बीते 7 अक्टूबर 2023 से यहूदी फौज ने जमीनी और हवाई हमले कर 70 हजार से बेगुनाह फिलिस्तीनियों को मौत के घाट उतार दिया, जबकि लाखों लोग अपंग हो गए हैं.
ग़ज़ा की नाकेबंदी से यहां खाने पीने की किल्लत रही है. मानवीय सहायता को जरुरतमंदों तक नेतन्याहू सरकार पहुंचने ही नहीं दे रही है. इसकी वजह से हजारों लोगों की भूख और कुपोषण से मौत हो गई है. अमेरिकी मध्यस्था में संघर्ष विराम पर सहमति के बाद भी इजरायल लगातार ग़ज़ा में हमास की आड़ में बमबारी कर लोगों की हत्या कर रहा है. फिलिस्तीन की ऐतिहासिक पहचान मिटाई जा रही है और 80 फीसदी से ज्यादा बुनियादी ढांचों को नेस्तानाबूद कर दिया है.
इजरायल के युद्ध अपराधों और ग़ज़ा में नरसंहार का पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है. यहूदियों के खिलाफ लोगों में नफरत बढ़ती जा रही है. इजरायल के खिलाफ विरोध का नजारा अब यूरोप के कई देशों में अक्सर देखने को मिल रही है. इसी तरह का नजारा यूरोपी देश बेल्जियम में भी देखने को मिला. बेल्जियम में एक ट्रेन पर स्प्रे पेंट से 'Israel is a terrorist state' लिखे गए संदेश का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब दुनिया भर में इजरायल-ग़ज़ा संघर्ष को लेकर विरोध जारी है.
ग़ज़ा नरसंहार देख हिल गया बेल्जियम. विरोध में ट्रेन पर स्प्रे पेंट से लिखा गया- 'Israel is a terrorist state'
साल की शुरुआत में ही बेल्जियम सरकार ने इजरायल पर कई तरह के बैन लगाए थे. Al Jazeera के मुताबिक, इजरायल ने Gaza Ceasefire का करीब 500 बार उल्लंघन किया है.#GazaGenocide pic.twitter.com/5lOCZVQMds— Raihan Shahid (@RaihanShahid3) November 24, 2025
अल-जजीरा में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह ट्रेन बेल्जियम के एक रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी, जहां किसी अज्ञात समूह ने ट्रेन की बोगियों पर इज़राइल के खिलाफ नारे लिख दिए. वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है. कई यूजर्स इसे ग़ज़ा हिंसा के विरोध में हुआ "प्रोटेस्ट आर्ट" बता रहे हैं. बेल्जियम रेलवे ने इसकी जानकारी मिलने पर पेंट को नहीं हटाया. इसको लेकर लेकर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया मिल रही है.
बता दें कि बेल्जियम सरकार इस साल की शुरुआत में ही इजरायल के खिलाफ कड़े कदम उठा चुकी है. बेल्जियम ने इजरायल पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ आर्म्स एम्बार्गो (हथियारों की बिक्री पर रोक) भी लागू किया था. यह फैसला ग़ज़ा जंग के दौरान लिया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय युद्धविराम के बावजूद, इजराइल ने इसका लगभग 500 बार उल्लंघन किया है.
बीते सितंबर माह में इजरायल के विरोध और कट्टरपंथी यहूदियों के विरोध के बावजूद बेल्जियम ने फिलिस्तीन को एक आजाद देश के रुप में मान्यता दी है. बेल्जियम के इस कदम के बाद यूरोप में कई मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समूहों ने इसका स्वागत किया था. वायरल वीडियो के बाद अब बेल्जियम में इजरायल विरोधी माहौल और भी गर्म होता दिख रहा है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि ट्रेन पर ग्रैफिटी किसने लिखी और कब की गई.