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Pakistan News Today: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का फैसलाबाद शहर शुक्रवार (21 नवंबर) को विस्फोट की वजह दहल उठा. इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो दए हैं. इस घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई. सूचना मिलती ही प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव का काम शुर कर दिया है. बताया जा रहा है कि यह धमाका इतना भीषण था कि आसपास का इलाका झटकों से कांप उठा.
मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के फैसलाबाद के मलिकपुर इलाके में शुक्रवार को गैस लीक की वजह से जोरदार धमाके में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी कमिश्नर कार्यालय के जरिये जारी बयान में दी गई है. धमाके के बाद फैक्ट्री और आसपास की कई इमारतें ढह गईं.
शुरुआती जानकारी रेस्क्यू 1122 ने दी थी, जिसमें बताया गया था कि फैक्ट्री में बॉयलर फटने से इमारत ढह गई. हालांकि, बाद में रेस्क्यू सर्विस ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में संशोधन करते हुए कहा कि धमाका गैस लीक की वजह से हुआ था. फैसलाबाद कमिश्नर राजा जाहंगीर अनवर के कार्यालय से जारी बयान में भी इसी की पुष्टि की गई. कमिश्नर कार्यालय के बयान में स्पष्ट किया गया कि फैक्ट्री में कोई बॉयलर लगाया ही नहीं गया था और मलिकपुर इलाके में कुल चार इंडस्ट्रियल यूनिट्स संचालित हो रही थीं.
फैक्ट्री में गैस लीक की वजह से हुआ हादसा
फैसलाबाद कमिश्नर राजा जाहंगीर अनवर में कहा गया, "एक फैक्ट्री में गैस लीक होने से आग लगी, जिसने आसपास की अन्य फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया." धमाके का असर आसपास के सात घरों पर भी पड़ा, जिनकी छतें गिर गईं.कमिश्नर कार्यालय के मुताबिक, "मलबे से अब तक 15 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि रेस्क्यू 1122 की शुरुआती रिपोर्ट में 10 मौतें बताई गई है. घायल लोगों में से 10 को एलाइड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई."
कमिश्नर राजा जाहंगीर ने बताया कि घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. यह भी बताया गया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है और क्लियरेंस का काम जारी है. कमिश्नर राजा ने कहा, "हम इस दुखद घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के दुख में साझेदार हैं." अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मलबे में और भी लोग हो सकते हैं.
कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका
रेस्क्यू 1122 ने अपनी पहले जारी की गई रिपोर्ट में इसे एक ग्लू फैक्ट्री बताया था. जिला इमरजेंसी ऑफिसर की निगरानी में ऑपरेशन चलाया गया. रेस्क्यू में 20 से ज्यादा एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को शामिल किया गया है. कंट्रोल रूम को सुबह 5:28 बजे धमाके की सूचना मिली, जिसके बाद अभियान शुरू हुआ. रेस्क्यू के जरिये जारी वीडियो में कर्मचारी मलबे में फंसे लोगों को तलाशते दिखे.
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने घटना पर दुख जताया और कमिश्नर से रिपोर्ट तलब की. वहीं पंजाब पुलिस के आईजी उस्मान अनवर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेस्क्यू 1122, फायर ब्रिगेड और अन्य विभागों को पूरी मदद दी जाए. उन्होंने पुलिस टीमों को मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी रखने और ट्रैफिक अधिकारियों को इमरजेंसी वाहनों के लिए रास्ता खाली रखने के निर्देश दिए.
NTUF मजदूरों की मौत पर जताई चिंता
नेशनल ट्रेड यूनियन फेडरेशन (NTUF) ने मजदूरों की दर्दनाक मौत पर चिंता जताई है. NTUF के महासचिव नासिर मंसूर ने आरोप लगाया कि "फैक्ट्रियां मजदूरों के लिए मौत का जाल बन गई हैं. उद्योगपति मौत का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं और अधिकारी आपराधिक लापरवाही बरत रहे हैं." उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मजदूरों की मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है.
संस्था ने मांग की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 30 लाख पाकिस्तानी रुपये मुआवजा दिया जाए. साथ ही घायलों को मुफ्त और पूरी चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल में भी इसी तरह की घटना हुई थी. जब फैसलाबाद की एक टेक्सटाइल मिल में स्टीम बॉयलर फटने से दर्जनभर मजदूर घायल हो गए थे और एक हॉल की छत गिर गई थी.