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Palestine News: फिलिस्तीनियों की आज़ादी के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में वोटिंग हुई. इस वोटिंग में अमेरिका और इजरायल के लाख विरोध के बावजूद दुनिया भर के 142 देशों ने फिलिस्तीनियों की आज़ादी की मांग की. इस दौरान वोटिंग भी हुई, जिसमें 142 देशों ने फिलिस्तीनियों के समर्थन में वोट किया. वहीं, इजरायल और अमेरिका समेत 10 देशों ने इजरायल के समर्थन में वोट किया, जबकि 12 देशों ने इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
दरअसल, गज़ा में पिछले दो सालों में इजरायली नरसंहार से दुनिया तंग आ चुकी है. इसलिए फ्रांस और सऊदी अरब की अगुवाई में बीते (11 सितंबर) को अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक हुई. इस बैठक में न्यूयॉर्क डिक्लेरेशन पर वोटिंग हुई. इस डिक्लेरेशन का मकसद फिलिस्तीनियों के लिए एक आज़ाद मुल्क की स्थापना करना और द्वि-राष्ट्र की नीति को लागू करना. इस नीति के तहत फिलिस्तीनियों के लिए फिलिस्तीन राष्ट्र और यहूदियों के लिए इजरायल को देश के रूप में मान्यता दी जाने की बात कही गई है.
हमास को करना होगा सरेंडर?
इस डिक्लेरेशन के तहत गज़ा में जंग को खत्म करना होगा और इजरायली सेना को वापस जाना होगा. साथ ही हमास को गज़ा की सरकार और सभी विभागों से बाहर निकालना होगा. इस डिक्लेरेशन के तहत हमास को अपने हथियार त्यागना होगा और संगठन को भंग करना होगा.
Today, under the leadership of France and Saudi Arabia, 142 countries have adopted the New York Declaration on the implementation of the Two-State Solution.
Together, we are charting an irreversible path towards peace in the Middle East.… pic.twitter.com/74c5CrMKW1
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) September 12, 2025
शांति नहीं आतंक को मिलेगा बढ़ावा-इजरायली प्रतिनिधि
इस डिक्लेरेशन पर इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र संघ की निंदा की. संयुक्त राष्ट्र संघ में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि इस डिक्लेरेशन को संयुक्त राष्ट्र संघ की विश्वसनीयता को कमजोर करने वाले और खोखले कदम के रूप में याद किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह कूटनीति नहीं, बल्कि नाटक है. डैनी डैनन ने कहा कि न्यूयॉर्क डिक्लेरेशन से सिर्फ हमास को फायदा होगा. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि आप इस प्रस्ताव से शांति नहीं बल्कि आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं.
अमेरिका ने इजरायल का दिया साथ
वहीं, इजरायल का समर्थक देश अमेरिका ने इस डिक्लेरेशन की निंदा की. संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में अमेरिकी राजनयिक मॉर्गन ऑर्टागस ने इस डिक्लेरेशन पर कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि यह प्रस्ताव हमास के लिए एक उपहार है. उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से शांति स्थापित नहीं होगी, बल्कि इस प्रस्ताव ने जंग को और लंबा खींच दिया है.