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Pakistan Exposed on Operation Sindoor: पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया. भारतीय फौज ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिये सरहद पार बैठे आतंकियों की कमर तोड़ दी. इसके बाद पाकिस्तान पूरी दुनिया में झूठा नैरेटिव चलाना शुरू कर दिया है. फ्रेंच नेवी ने पाकिस्तान के एक मीडिया संस्थान पर भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर'को लेकर झूठी और भ्रामक रिपोर्टिंग करने का आरोप लगाते हुए लताड़ लगाई है.
बता दें, 'ऑपरेशन सिंदूर' को उस समय अंजाम दिया गया, जब अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे. इस हमले के बाद पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी ठिकानों पर भारत की कार्रवाई को लेकर कई गलत दावे सोशल मीडिया और कुछ पाकिस्तान-आधारित मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाए गए.
फ्रांस की नौसेना ने ऐसे समय में जारी किया है, जब पाकिस्तान के जियो टीवी ने 21 नवंबर को अपनी वेबसाइट पर एक लेख प्रकाशित कर किया था. इसमें दावा किया गया कि एक फ्रेंच नौसेना कमांडर ने पाकिस्तान की 'एयर सुपीरियरिटी' की पुष्टि की है और यह भी कहा कि भारत के राफेल लड़ाकू विमान को सीमा पर झड़प में मार गिराया गया. फ्रेंच नेवी ने इन दावों को पूरी तरह झूठा बताया.
फ्रेंच नेवी ने बयान जारी कर कहा कि "रिपोर्ट में फ्रेंच अधिकारी के बयान न सिर्फ गलत तरीके से पेश किए गया बल्कि उनका नाम भी गलत लिखा गया. जियो टीवी ने उन्हें 'जैक लोनाय' बताया, जबकि उनका असली नाम कैप्टन इवान लोनाय (Yvan Launay) है. फ्रेंच नेवी ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर बयान जारी कर कहा कि "कैप्टन लोनाय से जुड़े सभी कथित बयान मनगढ़ंत हैं.
बयान में आगे कहा गया है कि "यह बयान कैप्टन लोनाय को गलत तरीके से सौंपे गए हैं, जिन्होंने किसी भी तरह के प्रकाशन के लिए कभी सहमति नहीं दी. लेख में व्यापक स्तर पर गलत जानकारी और भ्रामक बातों का जिक्र किया गया है." विवादित रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि फ्रेंच कमांडर ने इंडो-पैसिफिक कॉन्फ्रेंस में कहा कि 6 से 7 मई को हुए हवाई मुकाबले में पाकिस्तान एयर फोर्स ने 140 से ज्यादा लड़ाकू विमानों की तैनाती के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय राफेल को गिराया गया और इसकी वजह चीन से मिली कथित तकनीकी मदद रही.
फ्रेंच नेवी ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज किया है. नेवी के मुताबिक, कैप्टन लोनाय की भूमिका सिर्फ लांदीविसियू (Landivisiau) स्थित नेवल एयर स्टेशन का कमान संभालने तक सीमित है, जहां राफेल मरीन विमान तैनात होते हैं. पाकिस्तान मीडिया ने उन्हें भारत-पाकिस्तान संघर्ष का सीनियर ऑपरेशनल अधिकारी के तौर पर पेश किया, जो हकीकत बिल्कुल परे है. फ्रांस ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में कैप्टन लोनाय सिर्फ तकनीकी जानकारी शेयर कर रहे थे, जैसे राफेल मरीन की मिशन क्षमताएं, एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की अवधारणा और उच्च-तीव्रता वाले युद्ध अभियानों के दौरान पायलटों को आने वाली चुनौतियां.
फ्रेंच नेवी ने आगे बताया कि जब कैप्टन लोनाय से ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने न तो किसी तरह के नुकसान की पुष्टि की और न ही खंडन किया. उन्होंने चीनी तकनीकी हस्तक्षेप या भारतीय विमानों के कथित जैमिंग पर टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया. नेवी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने चीनी J-10 लड़ाकू विमान का नाम कभी नहीं लिया, जबकि पाकिस्तान मीडिया ने इसके उलट दावा किया है.
पाकिस्तानी रिपोर्ट में यह भी लिखा गया था कि राफेल के रडार सिस्टम के कथित खराब प्रदर्शन पर कैप्टन लोनाय ने कहा कि समस्या तकनीकी नहीं बल्कि 'ऑपरेशनल' थी. यह भी दावा किया गया कि उन्होंने कहा, "राफेल में कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है, पर इसे सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और यह भी कि रफाल किसी भी मुकाबले की स्थिति में चीनी J-10C को हरा सकता है."