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Khyber Pakhtunkhwa News Today: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा से शनिवार (13 सितंबर) को इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां शरणार्थी शिविर में अफगानी महिला के साथ कुछ लोगों ने गैंगरेप किया. इस घटना की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची खैबर पख्तूनख्वा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. गैंगरेप की इस घटना के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा के हरिपुर शहर में एक शरणार्थी शिविर में 21 साल की अफगान महिला के साथ कथित तौर पर पांच लोगों ने गैंगरेप किया. पीड़िता के जरिये पुलिस में दी गई शिकायत के मुताबिक, जब वह काम पर जाने के लिए कैंप-16 की ओर जा रही थी, तभी पांच लोगों जबरदस्ती उसे पास के खेतों में खींच कर ले गए और फिर वहां दो घंटे तक दरिंदगी की.
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, पुलिस एफआईआर में यह भी बताया गया कि अपराधियों ने पीड़िता से 3,000 रुपये नकद और एक गोल्ड की नोस पिन भी छीन ली. पीड़िता ने आरोपियों की पहचान बचा, नादी, रोजी खान, जावेद और नसीर के रूप में की है. शिकायत में कहा गया कि जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मार-पीट की, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गई.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सभी पांच आरोपियों के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 375A के तहत मामला दर्ज किया है. पाकिस्तान के इस कानून के तहत अगर दो या दो से ज्याद शख्स रेप करते हैं, तो सभी दोषियों को मौत या उम्र कैद की सजा दी जा सकती है. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने आरोपियों को फांसी देने की मांग की.
हैरान करने वाली बात यह है कि गैंगरेप की घटना उस इलाके से सामने आई है, जिसे पाकिस्तान सरकार ने 'सेफ जोन' घोषित किया है. पाकिस्तान सरकार की 'सेफ जोन' की लिस्ट में हरिपुर, रावलपिंडी, अटॉक, इस्लामाबाद और मुर्री शामिल है. हालांकि, यहां पीड़ित और कमजोर अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेजने की कार्रवाई जारी है.
पाकिस्तान छोड़ अपने मुल्क लौट रहे अफगान
यूनाइटेड नेशन रिफ्यूजी एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल से अब तक पाकिस्तान से अफगानिस्तान लौटने वाले अफगानों की संख्या 4,83,700 को पार कर गई है. इसमें अगस्त महीने में 1,45,200 लोग शामिल हैं, जबकि सिर्फ अगस्त के अंतिम चार दिनों में लगभग 55,000 लोग अफगानिस्तान लौट चुके हैं.
बीते 1 अप्रैल से अब तक लगभग 57,300 लोगों को गिरफ्तार और हिरासत में लिया गया है, जिनमें पाकिस्तान ओरिजिन रेजिडेंट कार्ड्स (PoR) कार्डधारक भी शामिल हैं. सिर्फ अगस्त में 9,000 गिरफ्तारियां हुईं, जबकि पूरे जुलाई में यह संख्या 3,400 थी. यूएन के दस्तावेजों के मुताबिक, 4 सितंबर 2025 तक कम से कम 5,31,700 लोग पाकिस्तान से अपने मुल्क अफगानिस्तान लौट चुके हैं.