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War on Gaza: इजरायली वॉर कैबिनेट की ओर से गाजा पर पूर्ण रूप से कब्जा करने वाली योजना को मंजूरी दे दी गई है. इस अनैतिक फैसले के बाद दुनिया भर के देशों के इजरायल की निंदा कर रहे हैं. कई मुल्कों ने मांग की है कि इजरायल इस फैसले को तुरंत वापस ले. वहीं, यूरोपीय मुल्क जर्मनी ने गाजा पर कब्जे की नियत को देखते हुए इजरायल को हथियार देने पर रोक लगा दी है. जर्मनी की इस एक्शन से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बौखला गए हैं और जर्मनी के इस फैसले को हमास का समर्थन करने वाला फैसला करार दे दिया है.
दरअसल, इजरायली प्रधानमंत्री गाजा शहर पर पूरी तरह से अवैध कब्जा करना चाहते हैं. इससे गाजा में और खून बहेगा. जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz) ने 8 अगस्त को ऐलान किया कि अगले सूचना तक जर्मनी, इजरायल को सैन्य हथियार का निर्यात नहीं करेगा. जर्मनी का मानना है कि इन हथियार का इस्तेमाल गाजा पर कब्जा करने के लिए की जा सकता है.
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने जर्मनी के इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. PM नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि जर्मनी को हमास के खिलाफ जंग में इजरायल का समर्थन करना चाहिए. नेतन्याहू ने कहा कि जर्मनी, इजरायल को हथियार देने पर प्रतिबंध लगाकर हमास के आतंकवाद का समर्थन कर रहा है. PM नेतन्याहू ने हमास पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि यहूदियों के नरसंहार के बाद सबसे बड़ा हमला 7 अक्टूबर को हमास ने किया था.
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की एक घोषणा के मुताबिक बेंजामिन नेतन्याहू ने आज शाम जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ को टेलीफोन पर अपने बयान को दोहराया. नेतन्याहू जर्मनी के चांसलर से कहा कि वह इजरायल को हथियार निर्यात करने पर प्रतिबंध वाले फैसले से निराश हैं. नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इजरायल का मकसद गाजा पर कब्जा करना नहीं है, बल्कि गाजा को हमास से मुक्त कराना और वहां एक शांतिपूर्ण सरकार स्थापित करना है.
गौरतलब है कि इजरायली वॉर कैबिनेट के जरिए गाजा पर कब्जा करने की योजना को मंजूरी देने के बाद इजरायल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घिर चुका है. इस फैसल के बाद इजरायल को दुनिया भर के देशों से आलोचना सुनना पड़ रहा है.