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Palestine News: मस्जिद-ए-अक्सा को अपवित्र करने के लिए उग्र कट्टर यहूदियों ने मस्दि-ए-अक्सा के प्रांगण में अवैध तरीके से प्रवेश किया और धार्मिक रस्में अदा किए. यह पूरा प्रकरण इजरायली सैनिकों के मौजूदगी में हुआ, बल्कि इजरायली सैनिकों ने इन कट्टर यहूदियों को सुरक्षा प्रदान किया और मस्जिद-ए-अक्सा के प्रांगन में प्रवेश करने के लिए मदद की.
दरअसल, यहूदियों का यह दावा है कि मस्जिद-ए-अक्सा उनके धार्मिक स्थल को तोड़कर बनाई गई. इसीलिए यहूदी धर्म के मानने वाले ज्यादातर लोग मस्जिद-ए-अक्सा को तोड़कर वहां फिर से यहूदियों के थर्ड टेंपल (हैकल-ए-सुलेमानी) बनाने की मांग करते हैं. इसी कड़ी में आए दिन इजराइल के दक्षिणपंथी नेता और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्वीर मस्जिद-ए-अक्सा के प्रांगण में प्रवेश करता रता है और फिलिस्तीनियों को भड़काने की कोशिश करता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक यहूदियों को मस्जिद-ए-अक्सा के प्रांगन में प्रवेश करने पर रोक लगाई गई है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीते गुरुवार (27 नवंबर) की सुबह इजरायली सेना की निगरानी में दर्जनों यहूदियों का एक समूह अल-अक्सा मस्जिद के प्रांगण में प्रवेश किया और धार्मिक कर्मकांड किए. इस घटना से पहले इजरायली सेना ने मस्जिद-ए-अक्सा की तरफ आने वाली सभी सड़कों और चेक प्वाइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी. साथ ही नमाजियों को मस्जिद-ए-अक्सा की तरफ आने पर रोक लगा दी गई.
गौरतलब है कि गज़ा में इजरायली नरसंहार के साथ यरूसलेम के आस पास वाले इलाकों में भी उग्र यहूदियों का जुल्म बढ़ा है. पिछले दो सालों में यरूसलेम और उसके आस-पास के इलाकों में फिलिस्तीनी विरोधी कई दंगे हो चुके हैं. वहीं, फिलिस्तीन ग्रुप ने एक बार फिर मुसलमानों से अपील की है कि वे मस्जिद-ए-अक्सा की तरफ ध्यान दें. साथ ही इस ग्रुप ने मुसलमानों से अपील की है वे इजरायली कब्जे का मुकाबला करने के लिए और मस्जिद-ए-अक्सा की सुरक्षा के लिए अपनी मौजूदगी मजबूत करें.