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Lebanon Hezbollah: पिछले दिनों लेबनान की मंत्रिपरिषद ने सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह के हथियारों को जब्त करने का निर्णय लिया है. इस फैसले पर इजरायल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इजरायल, लेबना के इस फैसले का स्वागत करता है और भविष्य में दोनों देश एक-दूसरे की एकता और समृद्धि को बढ़ावा देने में सहयोग करेंगे. वहीं, हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम ने लेबनान सरकार के जरिए हिजबुल्लाह को निरस्त करने के फैसले पर आपत्ति जताई है.
हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम ने एक ताजा बयान में कहा कि जो हथियार लेबनान की रक्षा करते हैं, हमारा सम्मान करते हैं और हमारी जमीन और शान को बचाए रखते हैं, उन हथियारों को हिजबुल्लाह कभी नहीं छोड़ेगा. उन्होंने लेबनान सरकार की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जो लोग हिजबुल्लाह से हथियार छीनना चाहते हैं. दरअसल, वे हथियार नहीं बल्कि हिजबुल्लाह से उसकी आत्मा छीनना चाहते हैं और ऐसा कभी नहीं होगा.
लेबनान सरकार के जरिए हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने के फैसले को खारिज करते हुए हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम ने कहा कि ये फैसला अमेरिकी और इजरायल के हुक्म पर लिया गया है. नईम कासिम ने इस फैसले को अवैध फैसला करार दिया है.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने से सिर्फ इजरायल को फायदा पहुंचेगा. उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले से इजरायल के साथ प्रतिरोध में मारे गए हजारों शहीदों की शहादत के साथ विश्वासघात होगा.
कासिम ने लेबनान की समस्याओं की बात करते हुए कहा कि लेबनान में समस्याएँ अमेरिका के समर्थन से इजराइली आक्रमण और कब्ज़े की वजह से उपजी हैं. उन्होंने इन समस्याओं को खत्म करने के लिए कहा कि सबसे पहले इजरायली आक्रमण को पूरी तरह से खत्म करना होगा, लेबनानी क्षेत्र से इजरायल की वापसी, कैदियों की रिहाई और पुनर्निर्माण के जरिए लेबनान की संप्रभुता की बहाली करनी होगी.
कासिम ने अपने बयान के आखिर में लेबनानी सरकार आग्रह करते हुए विदेशी दबाव का विरोध करने को कहा. उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह और उसके सहयोगी लेबनान की संप्रभुता और पुनर्निर्माण का समर्थन करने के लिए तैयार हैं.