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Quran Insult in US: यमन के अंसारुल्लाह प्रतिरोध आंदोलन के नेता ने अमेरिका में क़ुरआन शरीफ के हालिया अपमान की कड़ी निंदा की है. उनका कहना है है कि दुनिया भर के मुसलमानों को अपनी मज़हबी चीजों के लिए मज़बूती से खड़े होने की जरूरत है.
दरअसल, अमेरिका की सीनेट के लिए रिपब्लिकन पार्टी के दक्षिणपंथी उम्मीदवार जेक लैंग ने रविवार को फ्लोरिडा के प्लानो शहर में एक इस्लाम-विरोधी मार्च के दौरान क़ुरआन शरीफ का अपमान किया था. इसके बाद से भारी बवाल जारी है. मुसलमान और मानवाधिकार कार्यकर्ता इस हरकत की पुरजोर मुखालिफत कर रहे हैं.
यमन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसे अमेरिका और दुनिया भर में रहने वाले लाखों मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली खुली उकसावे की कार्रवाई बताया गया है. मंगलवार को जारी अपने बयान में अंसारुल्लाह नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने इसको एक बड़ा अपराध करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह इस्लाम के खिलाफ जारी एक लगातार चल रही जंग का हिस्सा है, जिसकी अगुवाई अमेरिका, ब्रिटेन, इज़राइली शासन और उनके पूर्वी व पश्चिमी सहयोगी कर रहे हैं.
अब्दुल-मलिक अल-हूती ने कहा कि ये ताक़तें समाज को भ्रष्ट करने और उस पर अपना रोब जमाने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी मज़हब का अपमान उन कोशिशों के साथ जुड़ा हुआ है, जिनका मक़सद देशों को गुलाम बनाना, उनके संसाधनों को लूटना और उनकी ज़मीनों पर कब्ज़ा करना है.
उन्होंने कहा कि ज़ायोनिज़्म और उसके सहयोगियों के जरिए बार-बार किए जा रही तौहीन और उनके जरिए चलाई जा रही जंग, इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ खुली दुश्मनी को दर्शाती है. अब्दुल-मलिक अल-हूती ने आगे कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों का मकसद मुसलमानों के दिलों में पाक क़ुरआन की अहमियत को कमज़ोर करना और उन्हें उसकी शिक्षाओं से दूर करना है.
उन्होंने कब्ज़े वाले फिलिस्तीन में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इज़राइल के जरिए किए जा रहे अपराधों और इस्लामी पवित्र स्थलों पर हमलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन कामों को पश्चिमी देशों का समर्थन मिलना भी इस दुश्मनी का एक और सबूत है.