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Middle East Tensions: ग़ज़ा में अमेरिका की संरक्षण में इजरायली सेना लगातार बेगुनाह फिलिस्तीनियों का नरसंहार कर रही है. हमास और इजरायल के बीच हुई सीजफायर डील को ताक पर रखते हुए महज कुछ ही दिनों बाद नेतन्याहू की सेना ने कई जगहों पर भारी बमबारी कर रही है. ग़ज़ा में बेगुनाह फिलिस्तीनियों की हत्या को रोकने के लिए इजरायल को यमन के हूती विद्रोहियों ने कड़ी चेतावनी दी है. इससे क्षेत्र में यहूदी सेना की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
यमन के हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि अगर ग़ज़ा में जारी कथित सीजफायर खत्म होता है, तो वे एक बार फिर इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर देंगे. यह चेतावनी हूती संगठन की ओर से फिलिस्तीनी संगठन हमास को भेजे गए एक पत्र में दी गई है. हूती ग्रुप के जरिये संचालित अल-मसीराह टीवी चैनल पर इस चेतावनी को प्रसारित किया गया. यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल की हठधर्मिता की वजह से तनाव एक बार फिर बढ़ रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका की मध्यस्थता में कराया गया ग़ज़ा सीजफायर पर खतरा मंडरा रहा है. इसकी वजह अमेरिका और खुद इजरायल है. इसी बीच ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता को लेकर भी फिर से खींचतान बढ़ गई है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं.
पत्र में हूती समूह के नवनियुक्त चीफ ऑफ स्टाफ यूसुफ अल-मदानी ने हमास से कहा, "हम अपने वादे और संकल्प पर पूरी तरह कायम हैं और हर कुर्बानी के बावजूद आपके साथ खड़े रहेंगे." यूसुफ अल-मदानी को पिछले महीने ही इस पद पर नियुक्त किया गया है. उनसे पहले यह जिम्मेदारी मोहम्मद अब्दुलकरीम अल-गमरी संभाल रहे थे, जिनकी अगस्त महीने में सना में एक इमारत पर हुए इजरायली हवाई हमले में दर्जनों अन्य हूती अधिकारियों के साथ मौत हो गई थी.
अक्टूबर 2023 में ग़ज़ा जंग शुरू होने के बाद हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे थे, जिनमें से ज्यादातर को इजरायल की रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट कर दिया था. हालांकि, कुछ बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन इजरायल के अलग-अलग इलाकों में गिरे. इससे इजरायल को भारी नुकसान पहुंचा है. विशेषज्ञों की मानें तो इजरायल अक्सर अपने हथियारों और डिफेंस सिस्टम को बेहतर साबित करने के लिए नुकसान के आंकड़े छुपाता रहा है.
हूती विद्रोहियों का यह हमला 10 अक्टूबर 2024 को सीजफायर लागू होने तक जारी रहा. हूती संगठन ने लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को भी निशाना बनाया, जिनमें से 4 जहाजों डूबने की पुष्टि हुई है. बीते हफ्ते हूती विद्रोहियों ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों में सामान्य लामबंदी का ऐलान किया. इसके तहत उन्होंने सैकड़ों कबीलाई लड़ाकों की भर्ती की, सुरक्षा इंतज़ाम कड़े किए, नए चेकपॉइंट बनाए और कई संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया.
हूती ग्रुप ने मारिब प्रांत की फ्रंटलाइन पर भी अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं. मारिब तेल से संपन्न क्षेत्र है और इस पर सऊदी समर्थित यमन सरकार की सेनाओं का नियंत्रण है. यह घटनाक्रम इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान के बाद आया है, जिसमें नेतन्याहू ने पिछले हफ्ते टीवी पर कहा था कि "हूती इजरायल के लिए गंभीर खतरा हैं और उन्हें खत्म करने की तैयारी की जा रही है."