Muslim Countries Stand with India: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। तुर्की और अजरबैजान को छोड़कर किसी भी मुस्लिम देश ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया. सऊदी अरब, कतर और इराक समेत मुस्लिम देशों ने भारत के संयम की तारीफ की. जानिए कैसे पाकिस्तान कैसे अकेला पड़ा.
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India Pakistan Tension: पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के 9 ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें 100 से ज्यादा दशतगर्द मारे गए. इसके बाद पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन हमला किया, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. वहीं, पीएम शहबाज शरीफ को लगा था कि इस झड़प में सभी मुस्लिम देश पाकिस्तान का साथ देंगे, लेकिन हुआ इसका उल्टा. तुर्की और अजरबैजान को छोड़कर किसी भी मुस्लिम देश ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया. बल्कि, इन दो देशों को छोड़कर सभी मुस्लिम देश पाकिस्तान की हरकतों की निंदा की. इससे पाकिस्तान काफी बौखला गया है.
पाकिस्तान और पीओके में आतंकी कैंप पर भारत के मिसाइल हमलों के बाद, तुर्की और अजरबैजान ही दो मुस्लिम देश पाकिस्तान के समर्थन में आए. तुर्की ने पाकिस्तान पर भारत के हमले की कड़ी आलोचना की. तुर्की ने कहा कि भारत ने बिना वजह पाकिस्तान की सीमा में घुसपैठ की और आम लोगों की जान ली. तुर्की ने इस ऑपरेशन सिंदूर को खतरनाक बताया था और कहा था कि इससे दोनों देशों के बीच जंग छिड़ने का खतरा बढ़ गया है. साथ ही तुर्की ने भारत और पाकिस्तान दोनों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई से बचने की अपील की है. साथ ही तुर्की ने कहा कि दोनों देशों को आपस में बातचीत करके मसले को सुलझाना चाहिए.
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वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने 7 मई को पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से फोन पर बात की. इस बातचीत में एर्दोगन ने भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान के साथ एकजुटता जताई. तुर्की ने इल्जाम लगाया कि भारत के हमले आम लोगों और उनकी संपत्तियों को निशाना बना रहे हैं. एर्दोगन ने शरीफ से कहा कि तुर्की इस मुश्किल वक़्त में पाकिस्तान की शांतिपूर्ण और संयमित नीति का समर्थन करता है.
अज़रबैजान ने किया पाकिस्तान का समर्थन
भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद अज़रबैजान ने पाकिस्तान के साथ खुलकर समर्थन जताया था. अज़रबैजान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि वो इस मुश्किल समय में पाकिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है. उन्होंने हमले में मारे गए बेगुनाह लोगों के परिवारों के प्रति दुख जताया और घायलों के जल्दी ठीक होने की दुआ की. साथ ही अज़रबैजान ने अपने बयान में सभी देशों से अपील की है कि वो संयम बनाए रखें और बातचीत के ज़रिए इस मसले को सुलझाएं, ताकि हालात और ज़्यादा बिगड़ने न पाएं.
पाकिस्तान ने मुस्लिम संगठन से की थी ये अपील
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़ते तनाव के दौरान पाकिस्तान को उम्मीद थी कि सभी मुस्लिम देश उसका साथ देंगे. पाकिस्तान ने मुस्लिम देशों का समर्थन पाने के लिए कई मुस्लिम देशों के राजनयिकों और अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई भी मुस्लिम देश पाकिस्तान का साथ देने के लिए आगे नहीं आया. यहां तक कि पाकिस्तान ने इस्लामिक देशों के संगठन (OIC) से भी पाकिस्तान का साथ देने और पाकिस्तान के पक्ष में बयान जारी करने की अपील की, लेकिन इस बार OIC ने बेहद संयमित रवैया अपनाया.
OIC ने पाकिस्तान को दी नसीहत
वहीं, भारत ने भी OIC के कई सदस्य देशों से संपर्क किया और नतीजा ये रहा कि OIC का बयान देर से आया और उसमें पाकिस्तान को खास समर्थन देने वाली कोई बात नहीं थी. पहलगाम आतंकी हमले के बाद OIC ने बस इतना कहा कि दक्षिण एशिया में हालात खराब हो रहे हैं और भारत-पाकिस्तान दोनों से शांति और बातचीत की अपील की. यानी इस बार मुस्लिम देश खुलकर पाकिस्तान के साथ नहीं आए.
इन देशों ने भारत का किया समर्थन
पाकिस्तान हमेशा से ये दिखाने की कोशिश करता रहा है कि पूरा मुस्लिम देश उसके साथ खड़ी है लेकिन हकीकत इससे अलग रही है. पहलगाम टेरर अटैक के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ा तो पाक को मुस्लिम देशों का समर्थन नहीं मिला. मुस्लिम देशों में सबसे ताकतवर मुस्लिम देश सऊदी अरब खासतौर पर भारत के साथ खड़ा नजर आया. इसके साथ ही मलेशिया, कतर, इराक और जॉर्डन जैसे कई मुस्लिम देशों ने पहलगाम हमले की निंदा की और भारत के साथ एकजुटता दिखाई.
सऊदी पाकिस्तान के हरकत से था नाराज
वहीं, जराए ने दावा किया है कि सऊदी अरब इस बात से नाराज था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सऊदी अरब के दौरे के दौरान ही भारत पर इतना बड़ा हमला हुआ. इसके बाद सऊदी अरब के डिप्टी विदेश मंत्री ने बिना सार्वजनिक किए भारत और पाकिस्तान दोनों का दौरा किया और कहा कि जरूरत पड़ी तो सऊदी अरब मध्यस्थता करने को तैयार है.
सऊदी के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान ने 11 मई को भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों को फोन किया. इस बातचीत में उन्होंने दोनों देशों के बीच चल रही सैन्य झड़पों को खत्म कराने की कोशिशों पर चर्चा की. सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश इस मामले में बीच का रास्ता निकालने और मध्यस्थता करने के लिए तैयार है. उन्होंने ये भी कहा था कि सऊदी अरब दोनों देशों के साथ अच्छे और संतुलित रिश्ते रखता है और वो इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है.
जानें ईरान ने किसका दिया साथ
ईरान ने भी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए टेरर अटैक के बाद दुख जताया था और भारत-पाकिस्तान के बीच सुलह कराने की पेशकश की थी. ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही ईरान के भाई जैसे पड़ोसी हैं. हमारे इनसे सदियों पुराने अच्छे सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्ते हैं, और हम इन्हें अपनी प्राथमिकता मानते हैं. ऑपरेशन सिंदूर के अगले ही दिन ईरान के विदेश मंत्री अराघची भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले. इससे कुछ दिन पहले ही वो पाकिस्तान भी गए थे.