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नई दिल्ली: ईरान में भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक ट्रेवल एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों से ईरान के गैर ज़रूरी सफ़र से बचने की सलाह दी है. यह परामर्श पिछले कई हफ़्तों में ईरान में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच जारी किया गया है.
ईरान में वर्तमान में मौजूद भारतीय नागरिक जो वापस भारत लौटना चाहते हैं, उनके लिए दूतावास ने कहा है कि घर लौटने की सुविधाएं मुहैय्या कराई जायेगी. वाणिज्यिक उड़ान और पानी वाले जहाज से वो भारत लौट सकते हैं.
यह परामर्श 13 जून को इज़राइल द्वारा ईरानी सैन्य और परमाणु प्रतिष्ठानों पर बमबारी के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए जारी किये गए हैं. इस हमले के जवाब में ईरान ने इज़राइली ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. इज़राइल के पुरज़ोर समर्थन में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने 22 जून को फ़ोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान में ईरान के प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई की थी.
ईरानी सशस्त्र बलों ने जवाबी हमले किए, इज़राइली कब्जे वाले क्षेत्रों में प्रमुख ठिकानों और कतर में अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया था.
12 दिनों तक चला यह युद्ध 24 जून को ख़त्म हुआ जब इज़राइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा जंग पर एकतरफा रोक लगाने की घोषणा की गयी. लेकिन ईरान इजराइल में जंग के हालात अभी भी बने हुए हैं. ये जंग कभी भी भड़क सकती है. इसलिए एह्तेयाती तौर पर भारत के नागरिकों को ईरान जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है.
जुलाई 2015 में, ईरान परमाणु समझौते, जिसे संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) के नाम से जाना जाता है, पर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई विश्व शक्तियों के बीच हस्ताक्षर हुए थे. इस समझौते ने तेहरान के संवर्धन स्तर को 3.67 प्रतिशत तक सीमित कर दिया और उसके यूरेनियम भंडार को घटाकर 300 किलोग्राम कर दिया.
यह समझौता 2018 में ट्रम्प द्वारा अमेरिका को एकतरफा समझौते से बाहर कर दिए जाने के साथ ही टूट गया. तब से, ईरान ने 2019 में कम-संवर्धित यूरेनियम के अपने भंडार की सहमत सीमा को पार करना शुरू कर दिया है, और यूरेनियम को 60 प्रतिशत शुद्धता तक उच्च सांद्रता तक संवर्धित करना शुरू कर दिया है, जो हथियार-स्तर के स्तर के बहुत करीब है.
इस महीने की शुरुआत में, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग निलंबित करने वाले एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए. ईरान के सरकारी प्रसारक ने बताया कि संसद द्वारा विधेयक को मंजूरी दिए जाने के बाद पेजेशकियन ने विधेयक का अनुमोदन किया है.