India Afghanistan Trade Relations: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया. जिसकी वजह से इस क्षेत्र में काफी हद तक व्यापारिक गतिविधियों पर लगाम लग गया था. हालांकि अब स्थिति सामान्य होने के बाद व्यापारिक गतिविधियां धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही हैं.
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India Afghanistan Relations: भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच हवाई सफर, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों पर ब्रेक लग गया था. फिलहाल बीते दिनों भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद रोजमर्रा की जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है और एक बार फिर भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार शुरू हो गया.
शुक्रवार (16 मई) को पाकिस्तान के वाघा सरहद में फंसे लगभग 50 ट्रक फंसे हुए थे, जिनमें से 6 ट्रक इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट के जरिये अटारी में दाखिल हुए. इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट और कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, यह वही ट्रक हैं जो तनाव की वजह से पाकिस्तानी सरहद में फंसे हुए थे.
भारत अफगानिस्तान से बड़ी मात्रा में ड्राई फ्रूट, जड़ी बूटियां मंगवाता है. आज यानी शनिवार को भी 10 से ज्यादा भारतीय ट्रक इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट अटारी में दाखिल हुए, जिसे नए सिरे से लोड कर भारत के अलग-अलग राज्यों के लिए रवाना किया जाएगा. भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार शुरू होने से दोनों देशों के व्यापारियों के लिए राहत की खबर है.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. वाणिज्य मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में अफगानिस्तान से भारत का आयात रिकॉर्ड 642.29 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि निर्यात घटकर 355.45 मिलियन डॉलर पर आ गया है. यह पिछले 16 सालों में सबसे निचला स्तर पर है.
वित्त वर्ष 2020-21 में तालिबान के सत्ता में आने से पहले भारत ने अफगानिस्तान को 825.78 मिलियन डॉलर का निर्यात किया था और 509.49 मिलियन डॉलर का आयात किया था. लेकिन इसके बाद से निर्यात में गिरावट और आयात में इजाफा देखा गया, जिससे व्यापार घाटा बढ़ा है. भारत ने पिछली बार 2000-01 में अफगानिस्तान के साथ व्यापार घाटा दर्ज किया.
इससे पहले 2023-24 में भारत ने अफगानिस्तान से खासकर कृषि उत्पाद जैसे अंजीर, हींग, किशमिश, लहसुन, सेब, बादाम, अनार, सौंफ, अखरोट और प्याज का आयात किया. अकेले अंजीर की बात करें तो भारत ने 29 हजार 123 टन आयात किया, जिसमें लगभग पूरी आपूर्ति अफगानिस्तान से हुई.
व्यापारियों का मानना है कि कोविड के बाद सूखे मेवों की मांग बढ़ी है और तालिबान शासन के दौरान व्यापार गतिविधियां पहले के मुकाबले आसान हुई हैं. एनडीएफसीआई् के जरिये पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों में ड्राई फ्रूट्स का कारोबार सालाना 15 से 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते मजबूत हुए हैं.
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