India Afghanistan Relation: भारत ने भी अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन को मान्यता नहीं दी और यूरोप के सभी देशों ने अफगानिस्तान से अपने संबंध तोड़ लिए हैं. इस बीच भारत ने UN में तालिबान को लेकर बड़ा बयान दिया है.
Trending Photos
)
India Afghanistan Relation: अफगानिस्तान में तख्तापलट के बाद से ही तालिबान का शासन है और तालिबान के सत्ता में आने के बाद सभी देशों ने तालिबान से अपने संबंध तोड़ लिए हैं. वहीं भारत ने भी अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन को मान्यता नहीं दी और यूरोप के सभी देशों ने अफगानिस्तान से अपने संबंध तोड़ लिए हैं. इस बीच भारत ने UN में तालिबान को लेकर बड़ा बयान दिया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भारत ने बताया कि हम तालिबान प्रशासन से अच्छे रिश्ते चाहते हैं और हम तालिबान से बातचीत कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने सोमवार को अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा बैठक में कहा कि इस साल की शुरुआत में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दुबई में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी से मुलाकात की थी.
हरीश ने परिषद में कहा, "दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास से संबंधित मुख्तलिफ मुद्दों पर चर्चा की।. अफगान पक्ष ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ जुड़ने और उनका समर्थन करने के लिए भारतीय नेतृत्व की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया." उन्होंने कहा, "यह फैसला लिया गया कि भारत चल रहे मानवीय सहायता कार्यक्रमों के अलावा निकट भविष्य में विकास परियोजनाओं में शामिल होने पर विचार करेगा."
अफगानिस्तान से है सदियों का रिश्ता- भारत
जनवरी में मिसरी और मुत्ताकी के बीच हुई बैठक दिल्ली और तालिबान के बीच अब तक का सबसे उच्च स्तरीय संपर्क था, जब से 2021 में काबुल पर शासन काबिज हुआ है. हरीश ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सदियों पुराना रिश्ता है और पड़ोसी होने के नाते भारत और अफगानिस्तान के लोगों के बीच एक खास रिश्ता है, जो "देश के साथ हमारे मौजूदा जुड़ाव की नींव" रहा है.
शांति के लिए कर रहे हैं काम- भारत
हरीश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और देश में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है. भारतीय दूत ने कहा, "हमारा व्यापक दृष्टिकोण अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना और अफगानिस्तान में वास्तविक अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच विभिन्न मुद्दों को हल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत एक अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना है."
इन क्षेत्रों में तालिबान का मदद कर रहा है भारत
उन्होंने कहा कि दोहा, मॉस्को फॉर्मेट और अन्य मंचों में संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में भारत की भागीदारी "अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास को सुरक्षित करने के हमारे प्रयासों का प्रतिबिंब है." भारत ने संयुक्त राष्ट्र निकाय को बताया कि वह स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, खेल और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में अफगान लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए विभिन्न संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के साथ काम कर रहा है.