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America and Iran Nuclear Talk: अमेरिका के राष्ट्रपति के खास दूत स्टीव कॉफ़ ने शनिवार को मलक्का में ईरानी फॉरेन मिनिस्टर सैयद अब्बास अराची से मुलाकात की थी. इस बातचीत को लेकर कहा जा रहा है कि काफी पॉजीटिव और रचनात्मक रही. व्हाइट हाउस ने एक बयान में इस बात का ऐलान किया है.
बयान में कहा गया है कि स्टीव कॉफ ने डॉ. अब्बास अराकची पर जोर दिया कि उन्हें राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) से निर्देश मिले हैं कि अगर संभव हो तो बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हमारे दोनों देशों के मतभेदों को हल किया जाए. ट्रंप के दोबारा चुने जाने के बाद यह बैठक पहली बार है जब अमेरिका और ईरान सीधी बातचीत में शामिल हुए हैं.
ट्रंप को लगता है कि ईरान के न्यूक्लियर तैयार कर रहा है और इसे उसे और दुनिया के दूसरे देशों को खतरा है. हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान को ऐसा नहीं करने दे सकता. अमेरिका का खास दोस्त कहे जाने वाले इजराइल के राष्ट्रपति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप के इरादों को साफ करते हुए कहा था कि ये डील तभी हो सकती है, जब ईरान अपना न्यूक्लियर प्लांट बंद कर दे और उसे पूरी तरह से अमेरिका को डिसमेंटल करने दे.
ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच बातचीत 19 अप्रैल को होगी. मंत्रालय ने इस मामले में कहा है कि अराची और स्टीव टुकॉफ के बीच ढाई घंटे तक बातचीत में परमाणु और इसपर रोक मुद्दा रहा.
इस बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान आया है. उन्होंने रविवार को कहा कि उन्हें ईरान के मामले जल्द ही फैसला लेने की उम्मीद है. उन्होंने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत करते हुए कहा,"हम ईरान पर बहुत जल्द फैसला लेंगे."