Iran America War: अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान अकेला युद्ध लड़ रहा है और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के सभी मिलिट्री बेस पर कारगर हमला करके सभी को चौंका दिया है. इस बीच दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी सैनिक मिलिट्री बेस छोड़ सिविलियन होटल में पनाह ले रहे हैं, जिसके बाद ईरान और उसके प्रॉक्सी ग्रुप उन सिविलियन होटल पर भी हमला कर रहे हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Iran America War: इजरायल और अमेरिका ने बीते शनिवार को ईरान पर हमला करके सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई समेत लगभग 40 टॉप अधिकारियों की हत्या कर दी. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की और इजरायल पर हमला बोला. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी के तमाम मिलिट्री बेस को निशाना बनाना शुरू किया. दावा किया जा रहा है कि हमले के बीच दावा अमेरिकी सैनिक मिलिट्री बेस छोड़कर सिविलियन होटल में पनाह ले रहे हैं, ताकि खुद की जान बचाई जा सके. लेकिन ईरान और उसके प्रॉक्सी ग्रुप अमेरिका को किसी भी हालात में बख्शने के मूड में नहीं हैं.
ईरान ने कथित तौर पर यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के दुबई में एक सिविलियन होटल को निशाना बनाया, क्योंकि उस होटल में तीन अमेरिकी सैनिक पनाह लिए हुए थे. हालांकि UAE की ओर से इस हमले की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. वहीं, ईरान ने बीते सोमवार (2 मार्च) को बहरीन की राजधानी मनामा में एक होटल पर हमला किया, जिसमें अमेरिकी 'डिपार्टमेंट ऑफ वॉर' के दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए. हालांकि इसको लेकर अमेरिका की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई.
इसके साथ ही ईरान समर्थित इराकी ग्रुप ने एरबिल के उस होटल पर हमला किया, जिसमें US सैनिक रहते हैं. ईरान बॉर्डर के नजदीक इराक के कुर्द इलाके की राजधानी एरबिल में एक होटल पर ड्रोन हमला किया. इस ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इस होटल में अमेरिकी सैनिक रहते हैं. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत से ही इराक में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया जा रहा है.
गौरतलब है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा कि युद्ध की शुरुआत के बाद उसने 500 अमेरिकी और इजरायली मिलिट्री टारगेट पर हमला किया है. IRGC ने कहा कि उसने दुश्मन के खिलाफ 700 से ज्यादा ड्रोन और सैकड़ों लॉन्च की है. वहीं, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका और इजरायल ने युद्ध की शुरुआत से अबतक 2 हजार जगहों पर हमले किए हैं. इन हमलों में ईरान के सैकड़ों आम लोगों की जान गई है, जिसमें स्कूल में पढ़ने वाली छोटी बच्चियां भी शामिल हैं. इसके साथ ही इस दौरान एक हमले में आयतुल्लाह अली खामेनेई की पत्नी की भी हत्या कर दी गई.