Iran Nuclear Talks: ईरान ने ओमान के मस्कट में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष परमाणु समझौते पर दूसरे दौर की वार्ता करने पर सहमति जताई है. दोनों देशों में पहले दौर की बातचीत हो गई है, लेकिन यह बातचीत इनडायरेक्ट हुई थी. यानी दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आमने-सामने बैठकर आपस में बात नहीं की.
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Iran Nuclear Talks: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम समझौते को लेकर तनाव है. मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर परमाणु कार्यक्रम समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं. इस संबंध में दोनों देशों में पहले दौर की बातचीत हो गई है, लेकिन यह बातचीत इनडायरेक्ट हुई थी. यानी दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आमने-सामने बैठकर आपस में बात नहीं की. इस बैठके बाद दूसरे दौर की बातचीत उम्मीद जताई जा रही थी. अब ईरान ने क्लियर कर दिया है कि अमेरिका से वह दूसरे दौर की बातचीत करने के लिए तैयार है और यह बातचीत ओमान की राजधानी मस्कट में होगी. इस बार भी दोनों देशों के बीच इनडायरेक्ट बातचीत होगी.
न्यूज एजेंसी मेहर ने ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघेई के हवाले से आज यानी 15 अप्रैल को कहा, "विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया कि शनिवार को होने वाली दूसरे दौर की वार्ता की मेजबानी मस्कट करेगा."
ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
शनिवार को मस्कट वार्ता के पहले दौर में, ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ "अप्रत्यक्ष" (इनडायरेक्ट) चर्चा की. ये वार्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की संभावना पर केंद्रित थी.
पहले दौर की हो चुकी है बातचीत
न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, मस्कट में यह वार्ता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार्च की शुरुआत में दिए गए उस बयान के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने ईरान के नेताओं को संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से एक पत्र भेजा था, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का प्रस्ताव दिया गया था. बाद में ईरान ने अप्रत्यक्ष वार्ता पर सहमति जताई.
ईरान ने किया था साल 2015 में समझौता
गौरतलब है कि ईरान ने जुलाई 2015 में ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के तहत ईरान प्रतिबंधों में छूट के बदले अपनी परमाणु गतिविधियों को सीमित करने पर सहमत हुआ था. हालांकि, मई 2018 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने एकतरफा तरीके से अपने देश को इस समझौते से बाहर निकाल लिया और ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए थे, जिससे तेहरान को समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करना पड़ा. तब से, परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में बहुत कम प्रगति हुई है.
इस दौर के बाद कहां होगी बातचीत
सोमवार को इटली ने संकेत दिया था कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का नया दौर रोम में आयोजित किया जाएगा. इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने कहा कि इटली ने वार्ता करने वाले पक्षों और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान के अनुरोध पर बैठक की मेजबानी करने पर सहमति व्यक्त की है.