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Iran Nuclear Activity: क्या ईरान न्यूक्लियर बम बना रहा है? लोग इस सवाल का जवाब एक सैटेलाइट इमेज में ढूंढ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि नवंबर 2025 में जारी नई सैटेलाइट इमेज ने दुनिया की चिंता और बढ़ा दी है. इन इमेज में ईरान अपने पुराने न्यूक्लियर वेपन टेस्ट साइट, तालेकान-2 को तेज़ी से फिर से बना रहा है. यह जगह तेहरान के पास स्थित पारचिन सैन्य परिसर में है, जिसे पहले परमाणु विस्फोट परीक्षणों के लिए जाना जाता था.
दरअसल, 2000 के दशक की शुरुआत में ईरान ने "अमाद प्लान" नाम का एक सीक्रेट प्लान लॉन्च किया था. इस प्रोजेक्ट का मकसद न्यूक्लियर बम बनाना था. तालेघन-2 इस प्लान का एक अहम हिस्सा था, जहां न्यूक्लियर बम में इस्तेमाल होने वाले हाई-एक्सप्लोसिव पार्ट्स को टेस्ट किया गया था. अक्टूबर 2024 में इजराइल ने उस जगह पर एयरस्ट्राइक किया, जिससे पूरा स्ट्रक्चर तबाह हो गया. ऐसा माना गया कि वह जगह हमेशा के लिए खत्म हो गई. हालांकि, ठीक एक साल बाद, मई 2025 में, ईरान ने इसे फिर से बनाना शुरू कर दिया.
अमेरिकी रिपोर्ट में किया गया बड़ा दावा
अमेरिकी थिंक-टैंक ISIS ने दावा किया है कि नई सैटेलाइट तस्वीरों में तालेघान-2 साइट पर एक बड़ा सिलेंडर जैसा ढांचा दिखाई दिया है. अमेरिकी थिंक-टैंक ISIS के मुताबिक, इसकी लंबाई लगभग 36 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह हाई-एक्सप्लोसिव कंटेनमेंट वेसल हो सकता है, जिसका उपयोग गुप्त परमाणु परीक्षणों के लिए किया जाता है ताकि धमाका बाहर न पहुंचे. तस्वीरों से यह भी पता चलता है कि ईरान ने इस ढांचे को ऊपर से काले कवर से ढका हुआ है, ताकि इसे उपग्रहों से दिखना मुश्किल हो.

ईरान क्या कह रहा है?
ईरान एक बार फिर दावा कर रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम ऊर्जा और चिकित्सा अनुसंधान के लिए है. ईरान का तर्क है कि धार्मिक कानून परमाणु हथियारों पर रोक लगाता है. लेकिन दुनिया को इस दावे पर भरोसा नहीं है, क्योंकि ईरान 90 फीसद शुद्धता तक यूरेनियम समृद्ध कर चुका है, जो परमाणु बम बनाने की सीमा के बेहद करीब है.