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Israel Hamas war: हमास और इसराइल के पिछले 7 अक्टूबर से जंग चल रहा है. इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने बड़ा बयान दिया है. खामेनेई ने सभी मुस्लिम देशों से इसराइल का बहिष्कार करने की गुजारिश की है. उन्होंने कहा, "मुस्लिम सरकारें इसराइल को भेजे जाने वाले तेल समेत दूसरी जरूरी चीजों की सप्लाई को रोक दें."
कही ये बड़ी बात
स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा, "मुस्लिम देशों को ये नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन हमेशा इस्लाम के खिलाफ खड़े हुए हैं और इन्होंने फिलिस्तीन को दबाया है. मुस्लिम देशों को समझना चाहिए कि ये सिर्फ इसराइल के बारे में नहीं है, बल्कि उन देशों से भी जुड़ा मसला है, जिससे इजरायल के संपर्क हैं."
खामेनेई ने किया ये दावा
आगे उन्होंने कहा, "जीत बहुत दूर नहीं है, वह फिलिस्तीनियों की ही होगी. इंग्लैंड, फ्रांस, अमेरिका आदि में भी इजरायल और यूएस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं." खामेनेई ने दावा किया है कि इसराइल और हमास जंग में इसराइल की छवि को नुकसान पहुंचा है.
10 हजार लोगों की गई जान
हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर को तड़के सुबह इसराइल पर हमला कर दिया था. इस हमले में 1400 से ज्यादा इसराइली नागरिकों की मौत हो गई. इस हमले के बाद इसराइल ने गाजा पट्टी पर जवाबी हमला किया. इसराइल के इस हमले में गाजा पट्टी में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. इसराइल गाजा पट्टी के उत्तरी इलाके में लगातार बमबारी कर रहा है. जिससे वहां मानवीय संकट पैदा हो गई है.
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