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Zee SalaamMuslim Worldयमनी बंदरगाह पर हवाई हमले से भड़का ईरान, अमेरिका को सुनाई खरी-खरी, कहा- क्षेत्र में बढ़ेगी असुरक्षा

यमनी बंदरगाह पर हवाई हमले से भड़का ईरान, अमेरिका को सुनाई खरी-खरी, कहा- 'क्षेत्र में बढ़ेगी असुरक्षा'

America airstrike on Yemen: अमेरिकी सेना ने 17 अप्रैल को यमन के एक ईंधन बंदरगाह पर भीषण हमला किया. इस हमले में 80 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. अमेरिकी सेना के इस क्रूर कार्रवाई पर ईरान तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. ईरान ने कहा कि अमेरिका के इस रवैये से क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ेगी और तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा होगा.

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघेई- फाइल फोटो
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघेई- फाइल फोटो

Iran News Today: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघेई ने यमन के तेल बंदरगाह रास ईसा पर अमेरिका के घातक हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है. एस्माईल बाघेई ने गुरुवार (17 अप्रैल) को यमन के बंदरगाह पर अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. इस अमेरिकी हवाई हमले में कम से कम 80 लोग मारे गए जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं.

एस्माईल बाघेई ने कहा कि हमला एक अपराध है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों और नियमों का घोर उल्लंघन है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यमन के खिलाफ अमेरिकी "आक्रामकता" कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में "इजरायल के कब्जे और नरसंहार के लिए उसके पूर्ण समर्थन" के साथ जुड़ी हुई है, और इससे क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ेगी और अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा हो जाएगा.

बंदरगाह पर हमले में 80 की मौत

यमन के ईंधन बंदरगाह रास ईसा पर अमेरिकी हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई. वहीं 150 अन्य लोग घायल हुए है. यह जानकारी हूती संचालित स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार (19 अप्रैल) को दी. हमले गुरुवार रात को हुए. इनमें बंदरगाह और आयातित ईंधन के भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई टैंकों को निशाना बनाया गया.

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अमेरिका ने किए 14 से अधिक हमले

मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, हमले में मारे गए और घायलों में बंदरगाह के कर्मचारी हैं, जिनमें पांच पैरामेडिक्स भी शामिल हैं. रास ईसा बंदरगाह यमन के लाल सागर के पास होदेदाह शहर के उत्तर-पश्चिम में स्थित है. यह हूती ग्रुप के कब्जे वाले क्षेत्रों में ईंधन के आयात का मुख्य स्रोत है. साल 2014 के आखिर में सरकार के खिलाफ गृह युद्ध शुरू करने वाले हूती विद्रोहियों का उत्तरी यमन के बड़े हिस्सों पर नियंत्रण है.

इससे पहले मार्च के मध्य में वाशिंगटन ने हूती ठिकानों पर हमले फिर से शुरू किए थे. रिपोर्ट के अनुसार, दो अभ‍ियानों के दौरान ईंधन बंदरगाह पर 14 से अधिक हवाई हमले किए गए. इससे आयातित ईंधन को इकट्ठा करने वाले टैंक नष्ट हो गए और बड़े पैमाने पर आग लग गई. रिपोर्ट में कहा गया कि आग को कुछ ही घंटों में बुझा दिया गया.

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