Iran US Nuclear Talks: ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर टकराव के बीच अब बातचीत की नई उम्मीद जगी है. ईरान ने ओमान में अमेरिकी दूत से अप्रत्यक्ष वार्ता के लिए सहमति दी है, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की संभावनाएं बढ़ी हैं.
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Iran US Nuclear Talks: डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच रिश्ते और भी तल्ख हो गए हैं. ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को पत्र लिखकर उन पर परमाणु समझौते के लिए दबाव बनाया, लेकिन तेहरान ट्रंप के दबाव में नहीं आया. उसने अमेरिका को सख्त लहजे में जवाब भी दिया, जिसके बाद ट्रंप ईरान पर भड़क गए और तेहरान पर भारी बमबारी करने की धमकी भी दी. अब एक राहत भरी खबर आई है. ईरान अमेरिका से बातचीत करने के लिए राजी हो गया है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ओमान में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से अप्रत्यक्ष (इनडायरेक्ट) बातचीत करेंगे. यह बातचीत ओमान की मध्यस्थता में होगी. अरागची ने कहा कि ईरान की प्राथमिकता इनडायरेक्ट बातचीत ही है और फिलहाल सीधे बात करने की कोई योजना नहीं है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि यह सीधी बातचीत होगी.
परमाणु समझौते को लेकर बवाल
साल 2015 में अमेरिका और दूसरे देशों के साथ हुए परमाणु समझौते के तहत ईरान ने अपने यूरेनियम उत्पादन को सीमित कर दिया था और इसके बदले अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए गए थे लेकिन 2018 में राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते से अमेरिका को बाहर कर दिया, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था फिर से दबाव में आ गई.
बातचीत की खबर से बदली आर्थिक तस्वीर
गौरतलब है कि बातचीत की खबर सामने आने के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था में थोड़ी राहत देखने को मिली है. ईरान की मुद्रा रियाल में सुधार हुआ है और यह पहले 1 डॉलर के मुकाबले 10 लाख रियाल तक गिर गई थी. अब इसमें थोड़ा सुधार हुआ है और यह 990,000 रियाल प्रति डॉलर हो गई है. इसके अलावा तेहरान स्टॉक एक्सचेंज में 2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली.